कैथल में केमिस्टों की हड़ताल का असर, 80 प्रतिशत दुकानें रही बंद
कैथल, 20 मई (हि.स.)। ऑनलाइन दवा बिक्री और बड़ी कंपनियों द्वारा दिए जा रहे भारी डिस्काउंट के विरोध में केमिस्टों ने बुधवार काे एक दिन की हड़ताल की। आल केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन (एसीडीए) के आह्वान पर आयोजित इस बंद में जिले के करीब एक हजार केमिस्ट शामिल हुए। शहर में लगभग 80 प्रतिशत मेडिकल स्टोर पूरे दिन बंद रहे।
हड़ताल का मुख्य मुद्दा ऑनलाइन फार्मेसी पर नियंत्रण, नकली दवाओं की बिक्री पर रोक और कॉरपोरेट कंपनियों द्वारा दवाओं पर दी जा रही भारी छूट के खिलाफ आवाज उठाना रहा। केमिस्टों का कहना है कि ऑनलाइन दवा कारोबार और बड़े घरानों की आक्रामक नीति से छोटे व्यापारियों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। साथ ही बिना पर्याप्त निगरानी के दवाओं की बिक्री से मरीजों की सेहत पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों के अनुसार, हड़ताल के दौरान अधिकतर दुकानदारों ने स्वेच्छा से अपनी दुकानें बंद रखीं। हालांकि, मरीजों की जरूरतों को देखते हुए कई स्थानों पर इमरजेंसी सेवाएं और इंडोर काउंटर चालू रखे गए, ताकि किसी को गंभीर परेशानी का सामना न करना पड़े।
हड़ताल के दौरान पिहोवा चौक पर बड़ी संख्या में केमिस्ट एकत्रित हुए और सरकार के खिलाफ रोष जताया। इस मौके पर संगठन के कई पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। इनमें वाइस प्रधान प्रदीप शर्मा, महामंत्री प्रदीप सोनू सेठ, मीडिया कोऑर्डिनेटर कमल किशोर अग्रवाल, अक्षय गर्ग, प्रवीन मिड्डा, धर्मवीर केमिस्ट, ललित मेहता, विशाल क्षेत्रपाल, सतीश राठी, संजीव डोलिया, जगबीर मेडिकल हाल, अग्रवाल मेडिकल हाल, नरेश अग्रवाल, विकास मेडिकोज, वीरभान गर्ग, संजीव गर्ग और भूषण गोयल सहित बड़ी संख्या में केमिस्ट शामिल रहे। वक्ताओं ने कहा कि लंबे समय से मांगें उठाने के बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। केमिस्टों ने ऑनलाइन फार्मेसी के लिए सख्त नियम बनाने, नकली दवाओं पर रोक लगाने और दवा कारोबार में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग दोहराई।
हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे

