कैथल: जब डीसी उतरीं गेहूं के खेतों में, खुद किया डिजिटल क्रॉप सर्वे का निरीक्षण
कैथल, 25 मार्च (हि.स.)। जिले में रबी फसलों की गिरदावरी को लेकर प्रशासन ने गंभीरता दिखाते हुए जमीनी स्तर पर निरीक्षण शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में डीसी अपराजिता बुधवार को खुद गेहूं के खेतों में उतरीं और डिजिटल क्रॉप सर्वे की एंट्री का मौके पर निरीक्षण किया। इतना ही नहीं, उन्होंने स्वयं कई एकड़ की एंट्री कर ऐप पर डेटा भी अपलोड किया।डीसी ने गांव कुलतारन और उझाना का दौरा कर राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ खेतों में जाकर फसल की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने पटवारियों द्वारा की जा रही गिरदावरी की जांच करते हुए किल्ला नंबर के अनुसार की गई एंट्री को परखा। इस दौरान सजरा और टैब में दर्ज आंकड़ों का मिलान भी किया गया, जो सही पाया गया।कुलतारन में निरीक्षण के दौरान डीसी मुख्य रास्ते से आगे बढ़ते हुए खेतों में कई एकड़ तक पैदल चलीं और मौके पर ही डिजिटल सर्वे की प्रक्रिया को समझा। इसके बाद उझाना गांव में भी गिरदावरी का निरीक्षण किया, जहां रिकॉर्ड सही पाए गए।31 मार्च तक हर हाल में पूरा करें सर्वेडीसी अपराजिता ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य निर्धारित समय सीमा 31 मार्च तक हर हाल में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि सर्वे पूरी सटीकता और पारदर्शिता के साथ होना चाहिए, ताकि किसानों को योजनाओं का लाभ सही तरीके से मिल सके।केवल वास्तविक फसल ही हो दर्जडीसी ने जोर देते हुए कहा कि गिरदावरी केवल कागजी प्रक्रिया बनकर न रह जाए, बल्कि वास्तविक स्थिति के आधार पर की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खेत में जो फसल वास्तव में खड़ी है, वही दर्ज की जाए।निरीक्षण के दौरान डीसी ने यह भी देखा कि किस प्रकार पटवारी, नायब तहसीलदार और तहसीलदार की टीम खेतों में जाकर फसल का प्रकार, उसकी स्थिति और अन्य जरूरी जानकारी एक विशेष ऐप के माध्यम से दर्ज कर रही है।तकनीकी समस्याओं के समाधान के निर्देशदौरे के दौरान डीसी ने सर्वे में आ रही तकनीकी और व्यावहारिक समस्याओं की जानकारी भी ली और उनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इस मौके पर तहसीलदार रविंद्र हुड्डा सहित राजस्व विभाग के अन्य अधिकारी और पटवारी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे

