कैथल : चिकित्सक के साथ मारपीट के विरोध में हड़ताल से ओपीडी सेवाएं ठप, मरीजों को उठानी पड़ी परेशानी
कैथल, 07 मार्च (हि.स.)। जिला करनाल के घरौंडा स्थित सरकारी अस्पताल में एक चिकित्सक के साथ मारपीट के विरोध में कैथल के सरकारी चिकित्सकों ने शनिवार को रोष प्रकट करते हुए ओपीडी सेवाएं बंद रखीं। चिकित्सकों ने संबंधित थाना प्रभारी (एसएचओ) दीपक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।
चिकित्सकों की हड़ताल के कारण जिला नागरिक अस्पताल में सुबह करीब दो घंटे तक ओपीडी सेवाएं प्रभावित रहीं, जबकि जिले के पीएचसी और सीएचसी में दिनभर ओपीडी बंद रही। इसके चलते मरीजों को इलाज के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पतालों में ओपीडी बंद होने के कारण बड़ी संख्या में मरीज नागरिक अस्पताल पहुंच गए, जिससे यहां भी भीड़ बढ़ गई।
मरीजों की लंबी कतारें, इलाज के लिए करना पड़ा इंतजार
ग्रामीण अस्पतालों में ओपीडी बंद होने के कारण जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी के बाहर मरीजों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। कई मरीज अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। इलाज कराने आए नरेश कुमार, सतपाल और नरेंद्र ने बताया कि हड़ताल के कारण उन्हें काफी परेशानी हुई। ओपीडी में नंबर आने में एक घंटे से अधिक का समय लग गया, जिससे कई जांच भी नहीं हो सकीं और उन्हें दोबारा अस्पताल आने की मजबूरी हो गई। शनिवार को नागरिक अस्पताल में कुल 1530 मरीजों की ओपीडी दर्ज की गई।
22 पीएचसी और छह सीएचसी में सेवाएं प्रभावित
जिले में पहले से ही चिकित्सकों की कमी बनी हुई है। ऐसे में शनिवार को हड़ताल के चलते 22 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) और छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में ओपीडी सेवाएं दिनभर बंद रहीं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को इलाज के लिए जिला नागरिक अस्पताल का रुख करना पड़ा। उल्लेखनीय है कि जिले के 22 पीएचसी में से 11 ऐसे हैं जहां एक भी स्थायी चिकित्सक तैनात नहीं है।
एसएचओ पर एफआईआर की मांग
जिला नागरिक अस्पताल के बाहर चिकित्सकों ने प्रदर्शन करते हुए कहा कि घरौंडा के सरकारी अस्पताल के चिकित्सक के साथ एसएचओ दीपक द्वारा मारपीट की गई, जो बेहद निंदनीय है। चिकित्सक डॉ. दिव्य प्रताप सिंह, डॉ. कर्मजीत मलिक, डॉ. संदीप सिंह, डॉ. महेश सक्सेना, डॉ. प्रवीण जांगड़ा, डॉ. प्रदीप मलिक, डॉ. साहिल कालीरमण, डॉ. अनिल अग्रवाल, डॉ. हिमांशु बंसल और डॉ. राकेश मित्तल ने कहा कि न केवल मारपीट की गई बल्कि डॉक्टर को थाना ले जाकर अपमानित भी किया गया। उन्होंने मांग की कि संबंधित एसएचओ के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए।
चिकित्सकों ने स्पष्ट किया कि शनिवार को केवल ओपीडी सेवाएं बंद रखी गई हैं। यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी और इमरजेंसी, अल्ट्रासाउंड, ऑपरेशन थियेटर तथा पोस्टमार्टम जैसी सेवाएं भी बंद कर दी जाएंगी। जिला सिविल सर्जन डॉ. रेनू चावला ने बताया कि नागरिक अस्पताल में सभी चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई थी और सेवाएं प्रभावित न हों, इसके लिए आवश्यक व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पतालों में भी किसी प्रकार की गंभीर परेशानी की सूचना नहीं मिली है।
हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे

