कैथल: अवैध कॉलोनियों पर सख्ती: कार्रवाई के बाद दोबारा निर्माण नहीं होगा बर्दाश्त
डीसी अपराजिता ने अधिकारियाें काे दिए निर्देशकैथल, 25 मार्च (हि.स.)। जिले में अवैध कॉलोनियों और अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि कार्रवाई के बाद दोबारा निर्माण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उपायुक्त अपराजिता की अध्यक्षता में आयोजित जिला टास्क फोर्स कमेटी की बैठक में संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए।बैठक में अवैध कॉलोनियों, अनधिकृत निर्माण और सड़कों पर अतिक्रमण हटाने को लेकर चल रही कार्रवाई की समीक्षा की गई। डीसी ने कहा कि जिन स्थानों से अतिक्रमण हटाया गया है, वहां दोबारा कब्जा न हो, यह सुनिश्चित करना संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है। उन्होंने एसडीएम को स्वयं क्षेत्र का निरीक्षण करने के निर्देश दिए।डीसी ने स्पष्ट किया कि बिना बिल्डिंग प्लान मंजूरी के निर्माण करना म्युनिसिपल बायलॉज का उल्लंघन है और ऐसे मामलों में नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही एनफोर्समेंट पुलिस और डीटीपी विभाग को पिछले और वर्तमान वर्ष में दर्ज एफआईआर व चालानों का रिकॉर्ड व्यवस्थित रखने और नियमित अपडेट करने के निर्देश दिए गए।नगर परिषद और सभी नगर पालिकाओं को भी अवैध निर्माण से संबंधित कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया। डीसी ने निर्देश दिए कि किसी भी नोटिस या एफआईआर की प्रति संबंधित एसडीएम को अनिवार्य रूप से भेजी जाए, ताकि कार्रवाई में समन्वय बना रहे।इसके अलावा एनएचएआई, पीडब्ल्यूडी और मार्केट कमेटी को अपनी-अपनी सड़कों से अवैध निर्माण हटाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने दोहराया कि अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।बैठक में डीटीपी प्रवीन कुमार ने बताया कि फरवरी और मार्च में 10 स्थानों पर कार्रवाई का लक्ष्य रखा गया था, जिनमें से आठ स्थानों पर सफलतापूर्वक तोड़फोड़ की कार्रवाई की जा चुकी है। यह अभियान कैथल, पूंडरी, ढांड, चीका और कलायत क्षेत्रों में चलाया गया, जहां नियमित रूप से एफआईआर भी दर्ज की जा रही है।बैठक में एसडीएम गुरविंद्र सिंह, गुहला-चीका एसडीएम कैप्टन प्रमेश कुमार, डीएसपी बीरभान, डीटीपी प्रवीन कुमार, ईओ संदीप सोलंकी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे

