कैथल:चपरासी के आठ पदों पर दस हजार आवेदन, बेरोजगारी चरम पर: रणदीप सुरजेवाला
कैथल, 22 फ़रवरी (हि.स.)। जिला एवं सत्र न्यायालय, पानीपत में चपरासी के महज आठ अस्थायी पदों के लिए करीब 10 हजार युवाओं द्वारा आवेदन किए जाने का मामला अब राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया है। इसी मुद्दे को लेकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के महासचिव व राज्यसभा सदस्य रणदीप सिंह सुरजेवाला ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर हमला बोला है।
रविवार को किसान भवन में जन समस्याएं सुनने पहुंचे सुरजेवाला ने कहा कि यह स्थिति हरियाणा में बेरोजगारी के भयावह चेहरे को उजागर करती है। उन्होंने कहा कि जिन पदों के लिए न्यूनतम योग्यता 8वीं पास है, उन पर एमबीए, बी.एड., सीईटी पास, स्नातक और स्नातकोत्तर डिग्रीधारक युवा कतारों में खड़े नजर आए। करीब 16,900 रुपये मासिक वेतन वाले इन पदों के लिए उमड़ी भीड़ सरकार की रोजगार नीतियों पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।
सुरजेवाला ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार भाषणों में उद्योग, निवेश और स्टार्टअप की बातें करती है, लेकिन स्थायी रोजगार सृजन की दिशा में कोई ठोस कदम दिखाई नहीं देता। उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती कैलेंडर8 फाइलों में अटका हुआ है और युवाओं के हाथ निराशा ही लग रही है।
उन्होंने कहा कि यह सिर्फ आठ पदों की बात नहीं, बल्कि शासन की असलियत को दिखाने वाला उदाहरण है। उच्च शिक्षित युवाओं का कम योग्यता वाले पदों के लिए आवेदन करना प्रदेश की आर्थिक और सामाजिक स्थिति पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
सुरजेवाला ने सरकार से मांग की कि स्थायी रोजगार सृजन के लिए ठोस नीति बनाई जाए, लंबित भर्तियों को शीघ्र पूरा किया जाए और युवाओं को पारदर्शी एवं समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया का भरोसा दिया जाए। उन्होंने कहा कि युवाओं के सपनों को जुमलों से नहीं, बल्कि वास्तविक नौकरियों से जोड़ा जाना चाहिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे

