अब तय फॉर्मेट के अनुसार ही दिखाना होगा सरकारी अनुदान का उपयोग
चंडीगढ़, 23 मार्च (हि.स.)। हरियाणा सरकार ने वित्तीय नियमों में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर ली है। वित्तीय नियम 8.14 (बी) के तहत यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट (यूसी) का नया फॉर्मेट निर्धारित किया है। मंगलवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में होने वाली राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस पर मुहर लग सकती है। सरकारी अनुदान (ग्रांट-इन-एड) अक्सर स्वायत्त संस्थाओं, स्थानीय निकायों, बोर्ड/कॉर्पोरेशनों और सहकारी समितियों को दिया जाता है।
इन संस्थाओं को यह प्रमाण देना होता है कि अनुदान का उपयोग केवल उस उद्देश्य के लिए किया गया, जिसके लिए इसे मंजूरी मिली थी। पहले इस यूसी का कोई तय फॉर्मेट नहीं था, जिससे जवाबदेही और निगरानी में दिक्कतें आती थीं। अब वित्त विभाग ने एक मानक फॉर्मेट बनाया है, जिसे सभी संस्थाओं को अब अपनाना होगा। इस बदलाव से सरकार यह सुनिश्चित कर सकेगी कि अनुदान का सही और पारदर्शी उपयोग हो।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

