विजेंद्र गुप्ता ने किया पांच विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास
नई दिल्ली, 17 अक्टूबर (हि.स.)। दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने शनिवार को रोहिणी विधानसभा क्षेत्र में पांच विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। उन्होंने सेक्टर-13 स्थित शांति अपार्टमेंट्स और सूर्या अपार्टमेंट्स में नवनिर्मित दो मनोरंजन केंद्रों तथा इसी सेक्टर के वीर अपार्टमेंट्स में नवनिर्मित बैरियर एवं प्रवेश द्वार का उद्घाटन किया।
इसके अतिरिक्त उन्होंने सेक्टर-13 के सुंदर अपार्टमेंट्स और सेक्टर-9 के लोकनायक अपार्टमेंट्स में दो मनोरंजन केंद्रों की आधारशिला रखी। ये परियोजनाएं विधानसभा क्षेत्र में सामुदायिक आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और आवासीय सुरक्षा को सुदृढ़ करने के प्रयासों का हिस्सा हैं। इनका उद्देश्य पहले से विकसित आवासीय क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाना है।
विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि शहरी विकास का दायरा पारंपरिक आधारभूत संरचनाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसमें निवासियों की सामाजिक और मनोरंजन संबंधी आवश्यकताओं को भी शामिल किया जाना चाहिए। नवनिर्मित मनोरंजन केंद्र सामुदायिक आयोजनों, मनोरंजन गतिविधियों और सामाजिक मेल-जोल के लिए समर्पित स्थान उपलब्ध कराएंगे। इससे विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, बच्चों और परिवारों को लाभ मिलेगा। वहीं, वीर अपार्टमेंट्स में निर्मित बैरियर एवं प्रवेश द्वार का उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना तथा आवासीय परिसर में प्रवेश और निकास के प्रबंधन को बेहतर बनाना है।
विजेंद्र गुप्ता ने ऐसे साझा स्थलों के निर्माण के महत्व को रेखांकित किया, जो सामाजिक समरसता और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा दें। उन्होंने कहा कि आवासीय कॉलोनियों में मनोरंजन संबंधी सुविधाओं का विस्तार समावेशी शहरी नियोजन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे विभिन्न पीढ़ियों के लोगों को सांस्कृतिक, सामाजिक और सामुदायिक गतिविधियों में भाग लेने के अवसर मिलते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी सुविधाओं का डिजाइन और विकास उन समुदायों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए, जिनके उपयोग के लिए इन्हें तैयार किया जा रहा है।
रोहिणी के निरंतर विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि सार्वजनिक आधारभूत संरचना से जुड़ी परियोजनाएं स्थानीय निवासियों की प्राथमिकताओं के अनुरूप होनी चाहिए तथा उनके क्रियान्वयन में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्ध पूर्णता पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने विकास कार्यों से जुड़े कार्यान्वयन अभिकरणों और स्थानीय समुदायों के बीच निरंतर समन्वय बनाए रखने का आह्वान किया, ताकि इन परियोजनाओं से दीर्घकालिक जनहित सुनिश्चित हो सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव

