सूरत सिविल अस्पताल में मंत्री के निरीक्षण के बाद बड़ा एक्शन, सुपरिटेंडेंट डॉ. धारित्री परमार का तबादला
सूरत, 16 मई (हि.स.)। गुजरात के स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रफुल्ल पानसेरिया की हालिया सूरत सिविल अस्पताल यात्रा के बाद बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। अस्पताल की कार्यप्रणाली और व्यवस्थाओं में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद सरकार ने सूरत सिविल अस्पताल की सुपरिटेंडेंट डॉ. धारित्री परमार का तत्काल प्रभाव से वडोदरा तबादला कर दिया। उनकी जगह अब डॉ. पारुल वडगामा को सिविल अस्पताल के सुपरिटेंडेंट का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानसेरिया ने सूरत सिविल अस्पताल का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान अस्पताल के विभिन्न विभागों में भारी अव्यवस्था और असंतोषजनक स्थिति मंत्री के संज्ञान में आई। मरीजों की सुविधाओं, सफाई व्यवस्था और प्रशासनिक संचालन में पाई गई कमियों को लेकर स्वास्थ्य मंत्री ने नाराजगी जताई थी।
अस्पताल प्रशासन की लापरवाही को सरकार ने बेहद गंभीरता से लिया है। राज्य के नागरिकों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं किए जाने का स्पष्ट संदेश देते हुए डॉ. धारित्री परमार के तबादले के आदेश गुजरात सरकार के आरोग्य विभाग से जारी कर दिए गए हैं। अस्पताल का प्रशासनिक कामकाज प्रभावित न हो, इसके लिए डॉ. पारुल वडगामा को तत्काल प्रभाव से नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल के बाद अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि सूरत सिविल अस्पताल की व्यवस्थाओं में कितना सुधार आता है और नए प्रभारी सुपरिटेंडेंट क्या सख्त कदम उठाते हैं। सरकार के इस कड़े रवैये से अन्य सरकारी अस्पतालों के प्रशासन में भी हलचल मच गई है।
उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ समय से सूरत सिविल अस्पताल को लेकर मरीजों और उनके परिजनों की ओर से लगातार शिकायतें सामने आ रही थीं। सफाई व्यवस्था, बेड की कमी, इलाज में देरी और प्रशासनिक अव्यवस्था जैसे मुद्दे चर्चा में थे। स्वास्थ्य मंत्री की विजिट के बाद ये सभी मामले एक बार फिर केंद्र में आ गए हैं। अब मरीजों और उनके परिजनों को उम्मीद है कि नए प्रभारी डॉ. पारुल वडगामा अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाओं में तेजी से सुधार लाएंगी और मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / यजुवेंद्र दुबे

