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शिक्षा में नई दिशा और नई दृष्टि के लिए दो दिवसीय क्षेत्रीय अध्यापक कार्यशाला का आयोजन

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शिक्षा में नई दिशा और नई दृष्टि के लिए दो दिवसीय क्षेत्रीय अध्यापक कार्यशाला का आयोजन


- ‘प्रेरित शिक्षक, सशक्त राष्ट्र’ की अवधारणा के साथ गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र के करीब 100 अध्यापक होंगे शामिल

सूरत, 21 अगस्त (हि.स.)। विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान, गुजरात प्रांत एवं श्री महावीर विद्या मंदिर ट्रस्ट, सूरत के संयुक्त तत्वावधान में 22 एवं 23 अगस्त 2026 को ‘प्रेरित शिक्षक, सशक्त राष्ट्र’ की विचारधारा के साथ दो दिवसीय क्षेत्रीय अध्यापक कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।

कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. किशोरसिंह चावड़ा, पी.पी. सवाणी विश्वविद्यालय के प्रोवोस्ट डॉ. पराग सांघाणी, सार्वजनिक विश्वविद्यालय के प्रोवोस्ट प्रो. डॉ. किरण पंड्या तथा विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान के संगठन मंत्री के.एन. रघुनंदनजी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा चिल्ड्रन यूनिवर्सिटी के टी.एस. जोशी भी अध्यापकों का मार्गदर्शन करेंगे।

कार्यशाला में गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र के विभिन्न महाविद्यालयों से करीब 100 अध्यापक भाग लेंगे। इस दौरान शिक्षा क्षेत्र के लगभग 12 विशेषज्ञ वक्ताओं द्वारा विभिन्न विषयों पर ज्ञानवर्धक मार्गदर्शन एवं संवाद किया जाएगा।

भारतीय शिक्षा परंपरा और आधुनिक तकनीक का समन्वय

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य भारतीय शिक्षा परंपरा, मूल्य आधारित शिक्षा, आधुनिक तकनीक और नवीन शिक्षण पद्धतियों के समन्वय के माध्यम से शिक्षा क्षेत्र को नई दिशा और नई दृष्टि प्रदान करना है। साथ ही राष्ट्र निर्माण में शिक्षक की भूमिका को अधिक प्रभावी एवं सशक्त बनाने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।

कार्यशाला के आयोजन में विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान, गुजरात प्रांत के अध्यक्ष डॉ. राजेश व्यास, मंत्री डॉ. भावेश रावल, श्री महावीर विद्या मंदिर ट्रस्ट, पांडेसरा, सूरत के अध्यक्ष सुधाकरजी मास्टर तथा मंत्री नीरजभाई पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका है।

कार्यशाला का समग्र समन्वय विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान, गुजरात प्रांत की उपाध्यक्ष डॉ. रिद्धि देसाई द्वारा किया जा रहा है।

आयोजकों के अनुसार, यह कार्यशाला केवल अध्यापकों के प्रशिक्षण तक सीमित न रहकर शिक्षा की भारतीय दृष्टि, बदलते तकनीकी परिवेश और राष्ट्र निर्माण के प्रति शिक्षक की जिम्मेदारी पर सार्थक संवाद का मंच बनेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / यजुवेंद्र दुबे