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किसानों के बाद अब शिक्षक भी आंदोलन के मैदान में, टेट परीक्षा के विरोध में राज्यव्यापी प्रदर्शन की घोषणा

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गांधीनगर, 16 जून (हि.स.)। किसानों के विरोध प्रदर्शन के बाद अब गुजरात में शिक्षकों ने भी अपनी मांगों को लेकर राज्यव्यापी आंदोलन का रास्ता अपनाया है। अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ सहित विभिन्न शैक्षणिक संगठनों के निर्णय के अनुसार, 17 जून से 20 जून तक राज्य के सभी 33 जिलों में विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।

इस कार्यक्रम के तहत अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉरपोरेशन शिक्षक मंडल और अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के सदस्य जिला कलेक्टर कार्यालयों पर एकत्रित होंगे। शिक्षक वहां तीन घंटे तक धरना देकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे और इसके बाद कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगे।

इस आंदोलन का मुख्य कारण शिक्षकों की पात्रता को लेकर हाल ही में आया सुप्रीम कोर्ट का फैसला है। सर्वोच्च न्यायालय ने निर्देश दिया है कि शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत जिन शिक्षकों की सेवा अवधि में 5 वर्ष से अधिक समय शेष है, उन्हें नौकरी जारी रखने और पदोन्नति प्राप्त करने के लिए टेट (Teacher Eligibility Test) उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा।

यदि शिक्षक इस नियम का पालन नहीं करते हैं, तो उन्हें या तो इस्तीफा देना होगा या फिर अनिवार्य सेवानिवृत्ति लेनी पड़ेगी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने उन शिक्षकों को राहत दी है जिनकी सेवा अवधि में 5 वर्ष से कम समय बचा है। ऐसे शिक्षकों पर यह अनिवार्यता लागू नहीं होगी।

इस फैसले के विरोध में शिक्षक संगठनों ने राज्यभर में आंदोलन का ऐलान किया है और सरकार से इस मुद्दे पर पुनर्विचार करने की मांग की है।

अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉरपोरेशन शिक्षक मंडल ने उक्त जानकारी दी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / यजुवेंद्र दुबे