(लीड) पोस्को एक्ट के सभी मामलों पर तुंरत कार्रवाई और सभी स्कूलों में बाल संरक्षण समितियों के गठन का निर्देश
नई दिल्ली, 06 जुलाई (हि.स.)। दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने सोमवार को दिल्ली पुलिस आयुक्त को पोस्को एक्ट के तहत दर्ज सभी मामलों में संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल के साथ त्वरित और पूरी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित उपायों को न केवल 'बाल संरक्षण माह' के दौरान, बल्कि हमेशा प्राथमिकता के तौर पर लागू किया जाए।
दिल्ली के उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को लोक निवास में जुलाई महीने के दौरान मनाए जा रहे ‘बाल संरक्षण माह’ के अंतर्गत चल रहे विभिन्न कार्यक्रमों, अभियानों और सुरक्षा उपायों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक में बच्चों की सुरक्षा को लेकर शिक्षा विभाग, दिल्ली पुलिस और महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों का विस्तृत आकलन किया गया और सभी विभागों को तय समयसीमा के भीतर प्रभावी ढंग से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए।
इस समीक्षा बैठक में दिल्ली के मुख्य सचिव, पुलिस आयुक्त, शिक्षा सचिव, महिला एवं बाल विकास सचिव, शिक्षा निदेशालय और महिला एवं बाल विकास विभाग के निदेशक, डीसीपी (एसपीयूडब्ल्यूएसी) और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
समीक्षा के दौरान उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े सभी कार्यक्रम केवल जुलाई महीने तक सीमित न रहें, बल्कि उन्हें सभी संस्थानों की नियमित और स्थायी व्यवस्था का हिस्सा बनाया जाए। बैठक में यह भी बताया गया कि दिल्ली सरकार के सभी विद्यालयों में पॉक्सो अधिनियम के अनुरूप बाल संरक्षण समितियों का गठन किया जा चुका है। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जुलाई के अंत तक दिल्ली के सभी 5,633 विद्यालयों में ऐसी समितियों का गठन सुनिश्चित किया जाए। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि लगभग एक हजार शिक्षा एवं व्यावसायिक मार्गदर्शन परामर्शदाता दिल्ली सरकार के विद्यालयों में बच्चों को सुरक्षित एवं असुरक्षित स्पर्श, लैंगिक संवेदनशीलता तथा व्यक्तिगत सीमाओं के बारे में जागरूक कर रहे हैं। इस पर निर्देश दिए गए कि राजधानी के प्रत्येक विद्यालय में ऐसे परामर्शदाताओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जुलाई माह के भीतर सभी विद्यालयों में मुख्य प्रशिक्षकों और अन्य प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण तथा क्षमता निर्माण पूरा किया जाए। विद्यार्थियों की सुरक्षा संबंधी जांच सूची के अनुपालन का प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया जाए। सभी विद्यालयों में पॉक्सो मामलों के निस्तारण के लिए विस्तृत मानक कार्यप्रणाली (एसओपी) लागू की जाए। अभिभावकों के प्रतिनिधियों, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, दिल्ली पुलिस और विद्यालय प्रमुखों को शामिल करते हुए संयुक्त निरीक्षण दल गठित कर सभी स्कूलों का निरीक्षण कराया जाए। माता-पिता और बच्चों के लिए अभिभावक-शिक्षक बैठकों (पीटीएम), ऑडियो-विजुअल मीडियम, मुद्रित प्रचार सामग्री और अन्य माध्यमों से व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए। दिल्ली पुलिस पॉक्सो अधिनियम के तहत दर्ज प्रत्येक मामले में त्वरित, प्रभावी और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े सभी कार्यक्रमों और गतिविधियों का प्रभावी तथा समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ये प्रयास केवल एक माह तक सीमित न रहकर सभी संस्थानों की नियमित कार्यप्रणाली का हिस्सा बनें ताकि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित और संवेदनशील वातावरण मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी विभागों के बीच प्रभावी समन्वय के साथ प्रत्येक निर्देश का समयबद्ध पालन सुनिश्चित करेगी। सरकार का उद्देश्य बच्चों की सुरक्षा के लिए ऐसी मजबूत और स्थायी व्यवस्था विकसित करना है, जिससे राजधानी का प्रत्येक बच्चा सुरक्षित, सम्मानजनक और भरोसेमंद वातावरण में आगे बढ़ सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव

