कारगिल विजय दिवस पर वीर जवानों को दी श्रद्धांजलि
सूरत, 26 जुलाई (हि.स.)। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर रविवार सुबह सूरत महानगरपालिका द्वारा पीपलोद स्थित लेक व्यू गार्डन के समीप कारगिल चौक पर सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।
सभी अतिथियों ने पुलिस बैंड की बिगुल धुन के बीच पुष्पचक्र अर्पित कर सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवानों को श्रद्धांजलि दी और उन्हें सलामी दी।
कार्यक्रम में कारगिल युद्ध में भाग लेने वाले सैनिकों, पूर्व सैनिकों, विभिन्न सैन्य संगठनों के सदस्यों, लांसर्स आर्मी स्कूल तथा नगर प्राथमिक शिक्षा समिति के विद्यार्थियों ने रैली के रूप में पहुंचकर वीर बलिदानियों को पुष्पांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय सैनिकों ने अत्यंत विषम परिस्थितियों में अद्भुत साहस, शौर्य और राष्ट्रभक्ति का परिचय दिया। उनका पराक्रम केवल दुश्मनों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा का विषय बना हुआ है।
इस अवसर पर गुजरात भाजपा के प्रदेश प्रमुख जगदीश विश्वकर्मा, प्रदेश महामंत्री प्रशांत कोराट, महापौर मायाबेन डी. मावाणी, गुजरात विधानसभा के उपाध्यक्ष पूर्णेश मोदी, सांसदगण, विधायकगण, उपमहापौर सुधाकर एल. चौधरी, स्थायी समिति के अध्यक्ष राजन पटेल, सत्तापक्ष के मुख्य सचेतक उर्मिलाबेन त्रिपाठी, सामाजिक, कल्याण एवं सांस्कृतिक समिति के अध्यक्ष राजेश राणा, विभिन्न समितियों के अध्यक्ष, नगरसेवक, महानगरपालिका के अधिकारी,शहर महामंत्री करसन गोण्डालिया, दुर्गा प्रसाद पांडेय व विरल गिलिटवाला समेत अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
गौरतलब है कि वर्ष 1999 में कारगिल, द्रास और बटालिक की दुर्गम एवं बर्फीली चोटियों पर कब्जा जमाए घुसपैठियों को भारतीय सेना के तीनों अंगों के वीर जवानों ने अदम्य साहस और पराक्रम का परिचय देते हुए 26 जुलाई 1999 को 'ऑपरेशन विजय' सफलतापूर्वक पूरा किया था। इसके बाद इन सभी चोटियों पर पुनः भारत का तिरंगा लहराया गया। तभी से प्रत्येक वर्ष 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है तथा देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाती है।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों को तुलसी के पौधे भेंट किए गए, जबकि पूर्व सैनिकों का शॉल ओढ़ाकर एवं तुलसी का पौधा देकर सम्मान किया गया। कार्यक्रम के अंत में शहीद अमर रहें, वंदे मातरम् और भारत माता की जय के गगनभेदी नारों से पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / यजुवेंद्र दुबे

