गुजरात किराया विधेयक-2026 के विरोध में वकीलों की अनिश्चितकालीन हड़ताल
अहमदाबाद, 05 अक्टूबर (हि.स.)। गुजरात किराया विधेयक-2026 के विरोध में राज्यभर के वकील सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। गुजरात बार काउंसिल के आह्वान पर विभिन्न अदालतों में वकीलों ने न्यायिक कार्य से दूरी बनाकर विरोध प्रदर्शन किया। राज्य की 182 वकील मंडलियों के समर्थन से यह आंदोलन किया जा रहा है।
गुजरात उच्च न्यायालय एडवोकेट्स एसोसिएशन ने भी 5 और 6 अक्टूबर को अदालत के कामकाज से दूर रहने का निर्णय लिया है। उच्च न्यायालय परिसर में विरोध के दौरान एक प्रवेश द्वार बंद रखा गया, जबकि दूसरे प्रवेश द्वार पर वकीलों की भीड़ दिखाई दी। सूरत में भी बड़ी संख्या में वकीलों ने अदालत के बाहर प्रदर्शन किया और ‘किराया कानून वापस लो’ के नारे लगाए। रिपोर्टों के अनुसार, सूरत में 9 हजार से अधिक वकील इस विरोध में शामिल हुए।
वकीलों की आपत्ति विधेयक की उन प्रस्तावित व्यवस्थाओं को लेकर है, जिनके तहत मकान मालिक और किरायेदार के बीच किराये से जुड़े विवादों के निपटारे की भूमिका न्यायिक अदालतों से हटाकर राजस्व प्रशासन के अधिकारियों को देने का प्रावधान किया गया है। वकील संगठनों का कहना है कि इससे न्यायिक प्रक्रिया और अधिवक्ताओं के काम पर असर पड़ सकता है।
सरकार और बार काउंसिल के बीच बैठक
वकीलों की मांगों के बाद उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी की अध्यक्षता में एडवोकेट जनरल कमल त्रिवेदी तथा गुजरात बार काउंसिल के सदस्यों के साथ बैठक हुई। इसमें विधेयक की विभिन्न धाराओं और उनके संभावित कानूनी एवं व्यावहारिक प्रभावों पर चर्चा की गई।
सोमवार को उच्च न्यायालय में एडवोकेट जनरल कमल त्रिवेदी ने बताया कि सरकार की ओर से यह आश्वासन दिया गया है कि विधेयक पर राज्यपाल की मंजूरी के लिए हस्ताक्षर नहीं कराए जाएंगे और पुराने कानून को बहाल करने का प्रयास किया जाएगा। इस मुद्दे पर 6 अक्टूबर को एक और महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है। इसमें गुजरात बार काउंसिल, अहमदाबाद स्मॉल कॉज कोर्ट और सिटी सिविल कोर्ट के वकील संगठनों के पदाधिकारी तथा शहरी विकास और कानून विभाग के अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में वकील संगठनों की आपत्तियों और विधेयक की संबंधित धाराओं पर आगे चर्चा की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / यजुवेंद्र दुबे

