स्वास्थ्य मंत्री पानसेरिया बोले-गुजरात में फिलहाल बर्ड फ्लू का एक भी केस नहीं
सूरत, 09 मई (हि.स.)। गुजरात राज्य के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानसेरिया ने शनिवार सुबह सूरत की न्यू सिविल अस्पताल का अचानक दौरा किया। बिना किसी पूर्व सूचना और बिना सरकारी काफिले के मंत्री सीधे ट्रॉमा सेंटर और इमरजेंसी वार्ड पहुंच गए, जहां उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
स्वास्थ्य मंत्री पानसेरिया को अचानक सामने देखकर डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ में हड़कंप मच गया। उनके दौरे की खबर मिलते ही अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारी और सुपरिटेंडेंट भी मौके पर पहुंच गए। इस दौरान मंत्री ने केवल अधिकारियों के साथ खुद को बैठक तक सीमित नहीं रखा, बल्कि अस्पताल के विभिन्न विभागों में जाकर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति देखी। उन्होंने ओपीडी में लाइन में खड़े मरीजों से बातचीत कर इलाज में लगने वाले समय और रोजाना आने वाले मरीजों की संख्या की जानकारी ली। साथ ही जूनियर डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ से भी चर्चा कर उन्हें आने वाली समस्याओं और संसाधनों की कमी के बारे में जानकारी हासिल की।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि गुजरात सरकार का उद्देश्य हर नागरिक को बेहतर और मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि सूरत उनके गृह नगर होने के कारण उन्होंने निरीक्षण की शुरुआत यहीं से की है। उनका मकसद किसी को डराना या निलंबित करना नहीं, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था की कमियों को दूर करना है। उन्होंने कहा कि मरीजों को स्ट्रेचर, पीने के पानी और साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान न होना पड़े, इसके लिए माइक्रो लेवल पर काम किया जाएगा।
बर्ड फ्लू को लेकर मंत्री ने कहा कि गुजरात में फिलहाल एक भी बर्ड फ्लू का मामला सामने नहीं आया है। हालांकि महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले में मिले मामलों को देखते हुए गुजरात सीमा पर पशुपालन विभाग और स्वास्थ्य विभाग की टीमें पूरी तरह सतर्क हैं। सीमा से जुड़े करीब 10 किलोमीटर के गांवों में जांच और टेस्टिंग की गई है। पोल्ट्री फार्म में भी मुर्गियों की जांच कराई गई है। उन्होंने कहा कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्क रहना जरूरी है।
इस दौरान अस्पताल से बाहर निकलते समय मंत्री की नजर एक घायल व्यक्ति पर पड़ी, जो पैर में चोट होने के कारण दो लोगों के सहारे चल रहा था। मंत्री ने पूछा कि उसे व्हीलचेयर क्यों नहीं दी गई। उन्होंने तत्काल संबंधित कर्मचारियों को व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि सूरत सिविल का यह दौरा सिर्फ शुरुआत है। आने वाले दिनों में राज्य की अन्य सिविल अस्पतालों, सीएचसी और पीएचसी केंद्रों की भी इसी तरह अचानक जांच की जाएगी। जहां भी लापरवाही मिलेगी, वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / यजुवेंद्र दुबे

