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आयुर्वेद भारत की अमूल्य परंपरा, जिसने दुनिया को दी संतुलित जीवन जीने की दिशा : हर्ष संघवी

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आयुर्वेद भारत की अमूल्य परंपरा, जिसने दुनिया को दी संतुलित जीवन जीने की दिशा : हर्ष संघवी


सूरत, 04 अक्टूबर (हि.स.)। गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने रविवार को चिकित्सकों से कहा कि आयुर्वेद भारत की प्राचीन परंपरा है, जिसने दुनिया को स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने की दिशा दिखाई है।

उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी आज सूरत के सरसाणा स्थित प्लेटिनम हॉल में ‘जीसीएयू वंदे आयुकॉन-3’ सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।यह एक दिवसीय सम्मेलन द सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के सहयोग से गुजरात काउंसिल ऑफ आयुर्वेदिक एंड यूनानी सिस्टम्स ऑफ मेडिसिन की ओर से दक्षिण गुजरात क्षेत्र में पंजीकृत आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सकों के लिए आयोजित

किया गया। इसमें राज्यभर से आयुर्वेद चिकित्सक, वैद्य और स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञ शामिल हुए।

उपमुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से कहा कि आयुर्वेद भारत की प्राचीन परंपरा है, जिसने दुनिया को स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने की दिशा दिखाई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से विश्व स्वास्थ्य संगठन का आयुर्वेद के लिए वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा केंद्र गुजरात के जामनगर में स्थापित हुआ है। उन्होंने कहा कि हजारों वर्षों से ऋषि-मुनियों ने वेदों, उपनिषदों और आयुर्वेदिक ग्रंथों के माध्यम से स्वास्थ्य और जीवनशैली से जुड़ा अमूल्य ज्ञान दिया है। आज आधुनिक तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के दौर में भी इस समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण कार्य आयुर्वेद चिकित्सक कर रहे हैं।

डिजिटल युग में आयुर्वेद पर बढ़ता भरोसा

संघवी ने कहा कि आज लोग कुछ ही सेकंड में इंटरनेट पर स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, इसके बावजूद अनेक स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान के लिए लोगों का भरोसा आयुर्वेद की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद के प्रति विश्वास बढ़ाने में चिकित्सकों की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार, अनुसंधान तथा आधुनिक तकनीक के साथ इसके समन्वय पर जोर देते हुए इस चिकित्सा पद्धति को अधिक व्यापक बनाने का आह्वान किया।

सम्मेलन में आयुर्वेद क्षेत्र के वरिष्ठ चिकित्सक, शोधकर्ता, स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में प्रतिभागी उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / यजुवेंद्र दुबे