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दिल्ली सरकार ने 2,000 से अधिक जब्त वाहनों की सार्वजनिक नीलामी की

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दिल्ली सरकार ने 2,000 से अधिक जब्त वाहनों की सार्वजनिक नीलामी की


नई दिल्ली, 06 सितंबर (हि.स.)। दिल्ली सरकार के आबकारी विभाग ने लंबे समय से विभिन्न पुलिस थानों और उनके आसपास पड़े दो हजार से अधिक जब्त वाहनों की सार्वजनिक नीलामी की है। इसके साथ ही आबकारी नियंत्रण प्रयोगशाला में पांच से अधिक लंबित पुलिस मामलों से जुड़े रासायनिक विश्लेषण का पूरा बैकलॉग समाप्त कर सक्रिय लंबित मामलों की संख्या शून्य कर दी गई है। इन दोनों कदमों का उद्देश्य वर्षों से लंबित प्रक्रियाओं को गति देना, सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग करना और आबकारी कानून के प्रवर्तन को अधिक प्रभावी बनाना है। यह जानकारी रविवार को एक विज्ञप्ति के जरिए दी गई।

दिल्ली आबकारी अधिनियम के तहत जब्त किए गए दो हजार से अधिक वाहन लंबे समय से पुलिस थानों के बाहर और उनसे सटी सार्वजनिक भूमि पर खड़े हुए थे। इस समस्या के समाधान के लिए आबकारी विभाग ने दिल्ली आबकारी अधिनियम के तहत विशेष निस्तारण अभियान चलाया। इसके अंतर्गत जब्ती और सार्वजनिक नीलामी की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करते हुए 2,000 से अधिक वाहनों की नीलामी की गई। इस कार्रवाई का एक महत्वपूर्ण आर्थिक और प्रशासनिक लाभ भी सामने आया है। समय रहते वाहनों की नीलामी से जब्त संपत्तियों के लगातार घटते मूल्य को रोकने में मदद मिली और सरकार को पांच करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ। लंबे समय से पड़े वाहनों को हटाए जाने से पुलिस थाना परिसरों और सार्वजनिक भूमि पर घिरी जगह भी खाली हुई है। यह प्रक्रिया जारी है ताकि शेष जब्त वाहनों की व्यवस्थित रूप से पहचान कर आगे उनका निस्तारण किया जा सके।

आबकारी विभाग ने समानांतर रूप से आबकारी नियंत्रण प्रयोगशाला की कार्यप्रणाली में भी बड़ा प्रशासनिक सुधार किया है। प्रयोगशाला में पुलिस मामलों से संबंधित 5,000 से अधिक पुराने रासायनिक विश्लेषण मामले लंबित थे। विभाग ने इन सभी लंबित मामलों का निस्तारण कर सक्रिय बैकलॉग को शून्य कर दिया है। पहले जब्त शराब के नमूनों की प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट प्राप्त करने में वर्षों तक का समय लग जाता था। इस कारण संबंधित पुलिस जांच में काफी देरी होती थी और उसके बाद की कानूनी प्रक्रिया भी प्रभावित होती थी। इस स्थिति में सुधार के लिए लंबे समय से रिक्त पड़े पदों पर कर्मचारियों की भर्ती की गई है।

रासायनिक जांच रिपोर्ट तेजी से मिलने का सीधा लाभ आबकारी कानून के प्रवर्तन और पुलिस जांच को मिलने की उम्मीद है। विभाग के अनुसार तेज जांच व्यवस्था से आबकारी प्रवर्तन क्षमता मजबूत होगी और अवैध शराब की तस्करी के खिलाफ प्रभावी निवारक व्यवस्था विकसित करने में मदद मिलेगी। समय पर रासायनिक जांच रिपोर्ट मिलने से पुलिस को जांच पूरी करने और समयबद्ध तरीके से आरोप-पत्र दाखिल करने में भी सहायता मिलेगी। इससे अदालतों में मामलों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने और उच्च दोषसिद्धि दर सुनिश्चित करने की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार का संकल्प केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि शासन-व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह, कार्यशील और परिणामोन्मुख बनाना है। वर्षों से लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण, सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तेजी इसी सुशासन की दिशा में उठाए जा रहे महत्वपूर्ण कदम हैं। हमारा स्पष्ट लक्ष्य है कि दिल्ली सरकार तेजी से फैसले ले, लंबित कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा करे और हर स्तर पर जनहित को सर्वोच्च महत्व दे।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव