गुजरात सरकार प्रदेश में पुलिस आवासों के लिए एक समान ‘फ्लैट अलॉटमेंट स्कीम’ लागू करेगी : उपमुख्यमंत्री
सूरत, 26 मार्च (हि.स.)। गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश भर में पुलिस
आवासों के लिए एक समान ‘फ्लैट अलॉटमेंट स्कीम’ लागू करेगी।
उपमुख्यमंत्री सांघवी ने गुरुवार काे पीपलोद पुलिस लाइन से कुल 116 करोड़ रुपये की लागत से बने पुलिस क्वार्टर, हॉर्स राइडिंग स्कूल, लाइब्रेरी, पुलिस स्टेशन और मरीन टास्क फोर्स के आवास सहित विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया ।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल की उपस्थिति में उपमुख्यमंत्री ने सूरत शहर और जिले के पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए पीपलोद पुलिस लाइन में 55.53 करोड़ रुपये की लागत से बने टाइप-बी के 192 क्वार्टर, हॉर्स राइडिंग स्कूल और लाइब्रेरी का उद्घाटन किया।
इसके अलावा रांदेर पुलिस लाइन में 7.30 करोड़ रुपये की लागत से 40 क्वार्टर, भेस्तान में 5.22 करोड़ रुपये की लागत से पुलिस स्टेशन एवं सहायक पुलिस आयुक्त ‘जे’ डिवीजन कार्यालय, हजीरा में 43 करोड़ रुपये की लागत से मरीन टास्क फोर्स के आवासीय और गैर-आवासीय भवन, तथा लाजपोर मध्यस्थ जेल में 3.69 करोड़ रुपये की लागत से कम्युनिटी हॉल का लोकार्पण और 1.16 करोड़ रुपये की लागत से किचन बैरक का भी शिलान्यास किया गया।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि पुलिस परिवारों के लिए आवास के साथ-साथ क्वार्टर परिसर में लाइब्रेरी और आंगनवाड़ी जैसी सुविधाएं भी विकसित की गई हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस आवास कर्मचारियों का अधिकार है, लेकिन उनकी देखभाल करना भी नैतिक जिम्मेदारी है। इन नए आवासों से पुलिस परिवारों के जीवन स्तर में सुधार होगा और उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा।
उन्होंने आगे कहा कि देश के इतिहास में पहली बार किसी राज्य सरकार ने एक साथ 20 हजार से अधिक पुलिस आवास बनाने का निर्णय लिया है। आने वाले समय में राज्य सरकार पुलिस आवासों के लिए पूरे राज्य में एक समान ‘फ्लैट अलॉटमेंट स्कीम’ लागू करेगी। इस योजना के तहत जो पुलिस कर्मचारी पहले आवेदन करेगा, उसे पारदर्शी तरीके से प्राथमिकता के आधार पर आवास आवंटित किया जाएगा।
सूरत पुलिस द्वारा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के कार्य की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पुलिस परिवारों को बेहतर और सुविधायुक्त जीवन देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने पुलिस परिवारों से अपील की कि वे इन आवासों को केवल सरकारी मकान न समझें, बल्कि अपने सपनों का घर मानकर स्वच्छता और सुंदरता बनाए रखें।
केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल ने कहा कि पीपलोद जैसे प्रमुख क्षेत्र में पुलिस कर्मियों के लिए अत्यधुनिक सुविधाओं वाले आवास तैयार किए गए हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि पुलिस कर्मचारी केवल सरकारी आवास पर निर्भर न रहें, बल्कि किराए की राशि से स्वयं का घर लेने की योजना भी बनाएं।
उन्होंने आगे कहा कि सीमा की रक्षा करने वाले सैनिक और आंतरिक सुरक्षा संभालने वाले पुलिसकर्मी दोनों ‘खाकी’ पहनते हैं। पुलिस को अपनी उत्कृष्ट सेवाओं से जनता के दिलों में स्थान बनाए रखना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में पुलिस बल की आवश्यकता अधिक होने के बावजूद पुलिस कर्मी सराहनीय कार्य कर रहे हैं और उन्हें अपनी कार्यप्रणाली को और बेहतर बनाना चाहिए।
पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलोत ने बताया कि पीपलोद पुलिस लाइन में बेसमेंट पार्किंग, गैस लाइन, लाइब्रेरी और आंगनवाड़ी जैसी सुविधाओं के साथ बनाए गए आवास पुलिस परिवारों को आरामदायक जीवन प्रदान करेंगे। साथ ही बच्चों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु लाइब्रेरी की व्यवस्था की गई है। पुलिस विभाग द्वारा वेलफेयर गतिविधियों के तहत विवाह, चिकित्सा, शिक्षा और मकान मरम्मत के लिए 50 हजार से 5 लाख रुपये तक की सहायता भी दी जाएगी।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस कर्मियों को आवास की चाबियां और चेक भी वितरित किए गए। इस अवसर पर सांसद मुकेश दलाल, विधायक संदीप देसाई, मनु पटेल व पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में पुलिस कर्मी और उनके परिवारजन उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / यजुवेंद्र दुबे

