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सूरत के नए सिविल अस्पताल के मेडिकल कालेज में रेजिडेंट डॉक्टर ने की आत्महत्या

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सूरत के नए सिविल अस्पताल के मेडिकल कालेज में रेजिडेंट डॉक्टर ने की आत्महत्या


सूरत, 24 सितंबर (हि.स.)। सूरत के नए सिविल अस्पताल के मेडिकल कॉलेज में एनाटॉमी विभाग में अध्ययनरत तृतीय वर्ष के रेजिडेंट डॉक्टर योगेंद्र दिलीप प्रजापति ने आत्महत्या कर ली। घटना दोपहर के समय डिसेक्शन हॉल में हुई। जानकारी मिलते ही अस्पताल प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची।

योगेंद्र प्रजापति विवाहित थे और अपनी पत्नी के साथ सिविल अस्पताल परिसर स्थित छात्रावास में रहते थे। उनकी पत्नी भी होम्योपैथी की डॉक्टर हैं। योगेंद्र ने एमबीबीएस के बाद एनाटॉमी विषय में तीन वर्षीय रेजिडेंसी के लिए प्रवेश लिया था। उनकी परीक्षाएं पूरी हो चुकी थीं और वे प्रशिक्षण के शेष हिस्से को पूरा कर रहे थे।

आत्महत्या का कारण अभी स्पष्ट नहीं

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल योगेंद्र ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया, इसका स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और अन्य जानकारी के आधार पर जांच कर रही है।

सिविल अस्पताल की अधीक्षक डॉ. पारुल वडगामा ने घटना को दुखद बताते हुए कहा कि एनाटॉमी विभाग के तृतीय वर्ष के रेजिडेंट डॉक्टर ने डिसेक्शन हॉल में आत्महत्या की है। पुलिस की कार्रवाई के बाद घटना की पूरी जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. जयेश ब्रह्मभट्ट ने बताया कि मामले में पुलिस कार्रवाई जारी है। उनके अनुसार, मृतक छात्र के संबंध में इससे पहले कॉलेज प्रशासन के समक्ष कोई शिकायत नहीं आई थी।

मेडिकल शिक्षा में एनाटॉमी एक महत्वपूर्ण विषय है। इसमें मानव शरीर की हड्डियों, मांसपेशियों, नसों और आंतरिक अंगों की संरचना का अध्ययन किया जाता है। विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ डिसेक्शन हॉल में शव के अध्ययन के माध्यम से शरीर की वास्तविक संरचना को समझने का प्रशिक्षण दिया जाता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / यजुवेंद्र दुबे