चैतर वसावा के समर्थन में आआपा का शक्ति प्रदर्शन
अहमदाबाद, 04 नवंबर (हि.स.)। आम आदमी पार्टी (आआपा) के विधायक और आदिवासी समाज के प्रमुख नेता चैतर वसावा के समर्थन में बुधवार को गांधीनगर के सेक्टर-11 स्थित रामकथा ग्राउंड में 'आदिवासी न्याय महासम्मेलन' का आयोजन किया गया। उमबगांव से अंबाजी तक 24 अक्टूबर से शुरू हुई 'आदिवासी न्याय यात्रा' के समापन के अवसर पर आयोजित इस महासम्मेलन में आम आदमी पार्टी के प्रदेश स्तर के नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस दौरान आप नेता गोपाल इटालिया ने भाजपा सरकार पर राजनीतिक द्वेष के चलते कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए सरकार को कड़ी चेतावनी दी।
चैतर वसावा के खिलाफ गलत कार्रवाई कर जेल भेजा गया: गोपाल इटालिया गोपाल इटालिया ने संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने आप विधायक और आदिवासी समाज के दिग्गज नेता चैतर वसावा के खिलाफ गलत तरीके से कानूनी कार्रवाई करके उन्हें जेल भेजा है। इसके विरोध में ही 24 अक्टूबर से उमरगाम से अंबाजी तक 'आदिवासी न्याय यात्रा' निकाली गई थी, जिसका समापन आज गांधीनगर में इस महासम्मेलन के साथ हुआ है। चैतर वसावा के समर्थन में भारी संख्या में लोग यहाँ इकट्ठा हुए हैं। उन्होंने सरकार को संदेश देते हुए कहा कि अभी भी समय है, सुधर जाइए और राजनीतिक द्वेष व बदले की राजनीति बंद कीजिए। समाज का काम करने वाले लोगों को जेल में डालने के बजाय अगर आप गुंडों को जेल में डालेंगे तो चलेगा, लेकिन समाज के लिए लड़ने वालों को जेल भेजेंगे तो साल 2027 में यह जनता आपको सत्ता से बेदखल (बेघर) कर देगी।
'आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन पर चर्चा अभी जल्दबाजी' महासम्मेलन के दौरान जब गोपाल इटालिया से आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन होगा या नहीं, इस पर चर्चा करना अभी बहुत जल्दबाजी होगी। चुनाव में अभी काफी समय है और चुनाव से एक साल पहले ऐसी बातों पर स्पष्ट रूप से कुछ भी कहना सही नहीं है। गठबंधन हो भी सकता है और नहीं भी।
'भाजपा की तानाशाही के खिलाफ लड़ रहे हैं चैतर वसावा' : आआपा के प्रदेश संगठन मंत्री और मुख्य प्रवक्ता डॉ. करन बारोट ने कहा कि चैतर वसावा आदिवासी समाज के न्याय और गुजरात की जनता के मुद्दों के लिए लगातार संघर्ष करते आए हैं। वे भाजपा की तानाशाही के सामने पूरी हिम्मत और साहस के साथ लड़ने का काम कर रहे हैं। उन्होंने आगे बताया कि चैतर वसावा के समर्थन में उनकी धर्मपत्नी वर्षाबेन और शकुंतलाबेन के नेतृत्व में 24 अक्टूबर को उमरगाम से जो 'आदिवासी न्याय यात्रा' शुरू की गई थी, वह 3 नवंबर को अंबाजी में पूरी हुई थी। इसके बाद 4 नवंबर को गांधीनगर में इस महासम्मेलन का आयोजन किया गया। उन्होंने गुजरात के सभी वर्गों के लोगों से चैतर वसावा को न्याय दिलाने के लिए बड़ी संख्या में इस मुहिम से जुड़ने की अपील की।
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हिन्दुस्थान समाचार / यजुवेंद्र दुबे

