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‘साग-सब्जियों’ को दिया महादेव का आकार, सूरत में 2,000 किलो सब्जियों से बना 10 फीट ऊंचा शिवलिंग

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‘साग-सब्जियों’ को दिया महादेव का आकार, सूरत में 2,000 किलो सब्जियों से बना 10 फीट ऊंचा शिवलिंग


सूरत, 06 सितंबर (हि.स.)। महादेव की भक्ति में फूल, बेलपत्र और फलों से श्रृंगार तो अक्सर देखने को मिलता है, लेकिन सूरत में श्रद्धा को जीवदया और साग-सब्जियों के सदुपयोग से जोड़ने वाली अनोखी पहल सामने आई है। अडाजण स्थित सत्य सेवा जीवदया ट्रस्ट ने करीब 2,000 किलो सब्जियों तथा हरे-सूखे घास से 10 फीट ऊंचा भव्य शिवलिंग तैयार किया।

दूधी, गाजर, बैंगन, टमाटर, आलू, पत्तागोभी और खीरा समेत विभिन्न सब्जियों से तैयार किए गए इस शिवलिंग ने श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया। करीब छह घंटे की मेहनत से तैयार किए गए इस शिवलिंग का आकार लगभग 16×10 फीट रखा गया था, जबकि इसकी ऊंचाई करीब 10 फीट थी।

तीन दिन तक हुए दर्शन, फिर गौशाला में पहुंचेंगी साग-सब्जियां

इस आयोजन की सबसे खास बात यह रही कि धार्मिक आयोजन समाप्त होने के बाद शिवलिंग में इस्तेमाल की गई सब्जियों को फेंका नहीं जाएगा। 4 से 6 सितंबर तक पाल-उमरा ब्रिज के पास स्थित ओम ताप्ती कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए रखे गए इस शिवलिंग में इस्तेमाल करीब 2,000 किलो सब्जियों को बाद में गौशाला ले जाकर गायों को भोजन के रूप में दिया जाएगा। ट्रस्टी के अनुसार इस प्रयास का उद्देश्य भक्ति के साथ-साथ अन्न के सदुपयोग और जीवदया का संदेश देना है। जिस अन्न को तीन दिनों तक महादेव का स्वरूप देकर पूजा गया, वही अन्न अब गौमाता के आहार के रूप में उपयोग होगा।

आयोजन के दौरान 6 सितंबर को 5555 दिव्य रुद्राक्ष का निःशुल्क महावितरण भी किया गया। शिवलिंग के दर्शन, रुद्राक्ष वितरण और गौसेवा को एक साथ जोड़कर आयोजन को धार्मिक आस्था के साथ सेवा का स्वरूप दिया गया।

आमतौर पर धार्मिक आयोजनों में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बाद में कचरे के रूप में सामने आती है। ऐसे में सब्जियों से शिवलिंग तैयार करना और दर्शन के बाद उसी सामग्री को गौशाला में उपयोग करना साग सब्जी की बर्बादी रोकने की दिशा में एक अनूठा संदेश देता है। महादेव के श्रृंगार में इस बार फूल और फलों की जगह सब्जियां माध्यम बनीं। अलग-अलग रंग और आकार की सब्जियों को घंटों की मेहनत से सजाकर शिवलिंग का स्वरूप दिया गया। दर्शन के बाद उसी साग-सब्जियाें को जीवों के लिए समर्पित करने का संकल्प इस पहल को और खास बनाता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / यजुवेंद्र दुबे