स्वामीनारायण मंदिर के संत का निधन, मामले की निष्पक्ष जांच की मांग
सूरत, 16 मई (हि.स.)। शहर के लसकाणा क्षेत्र स्थित स्वामीनारायण मिशन मंदिर के संत प्रियदर्शन स्वामी के कथित रूप से आत्महत्या किए जाने की घटना से हरिभक्तों और साधु समाज में भारी रोष व्याप्त है। बताया जा रहा है कि उन्होंने अज्ञात कारणों से नींद की गोलियों का सेवन कर लिया था। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां 20 दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद उनका निधन हो गया।
प्रियदर्शन स्वामी ने 26 अप्रैल 2026 को किसी अज्ञात कारण से बड़ी मात्रा में नींद की गोलियां खा ली थीं। जहरीले असर के चलते उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लगातार उपचार के बावजूद 15 मई 2026 को उन्होंने अंतिम सांस ली। इस पूरे मामले को लेकर अब कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
श्री स्वामीनारायण सिद्धांत हित रक्षक समिति ने बताया की घटना में किसी साजिश या दबाव की आशंका है, इसलिए उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। समिति ने घटनास्थल की गहन जांच, मोबाइल कॉल डिटेल, मैसेज, सीसीटीवी फुटेज, मंदिर के संतों और ट्रस्टियों के बयान दर्ज करने की मांग उठाई है। घटना की गंभीरता को देखते हुए लसकाणा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / यजुवेंद्र दुबे

