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99 रुपये की टिकट भी बेअसर, अब दूसरी टिकट मुफ्त, दर्शकों को तरस रही 'उड़ता तीर'

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99 रुपये की टिकट भी बेअसर, अब दूसरी टिकट मुफ्त, दर्शकों को तरस रही 'उड़ता तीर'


मुंबई, 29 अक्टूबर (हि.स.)। बॉलीवुड अभिनेता आयुष्मान खुराना की फिल्म 'उड़ता तीर' को दर्शकों तक पहुंचाने के लिए मेकर्स को लगातार नए-नए ऑफर्स का सहारा लेना पड़ रहा है। पहले महज 99 रुपये में टिकट बेचकर दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने की कोशिश की गई और अब एक टिकट खरीदने पर दूसरी टिकट मुफ्त देने का ऑफर सामने आ गया है।

'उड़ता तीर' फिल्म के लिए दर्शकों में उत्साह पैदा करने की उम्मीद थी, उसके लिए इस तरह की पेशकश फिल्म की लोकप्रियता पर सवाल खड़े करती है। ऐसा लग रहा है कि मेकर्स के लिए फिल्म का प्रचार करने से ज्यादा बड़ी चुनौती दर्शकों को सिनेमाघरों तक लाना बन गई है।

हैरानी की बात यह है कि पहले टिकट की कीमत घटाकर 99 रुपये की गई और अब एक के साथ दूसरी टिकट मुफ्त देने की रणनीति अपनाई जा रही है। यानी दर्शकों को आकर्षित करने के लिए लगातार कीमतों का सहारा लेना पड़ रहा है। सवाल उठता है कि अगर फिल्म में दमदार कहानी, मनोरंजन और दर्शकों को बांधकर रखने वाला कंटेंट है, तो फिर इतनी छूट देने की जरूरत क्यों पड़ रही है? क्या फिल्म दर्शकों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर रही या फिर इसके प्रचार का असर ही देखने को नहीं मिल रहा? टिकटों पर लगातार ऑफर की चर्चा ने फिल्म की कहानी और उसके मनोरंजन से ज्यादा ध्यान उसकी दर्शक जुटाने की कोशिशों पर ला दिया है।

बॉलीवुड में अक्सर फिल्मों की एडवांस बुकिंग और शुरुआती कमाई को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन ‘उड़ता तीर’ के मामले में चर्चा टिकट सस्ती करने और मुफ्त टिकट बांटने की रणनीति पर केंद्रित हो गई है। 99 रुपये में टिकट देने के बाद भी अगर दर्शकों को लुभाने के लिए एक के साथ दूसरी टिकट मुफ्त देनी पड़े, तो यह फिल्म के लिए उत्साहजनक स्थिति नहीं कही जा सकती। आखिरकार, सिनेमाघरों में दर्शकों की भीड़ केवल ऑफर्स के दम पर नहीं जुटाई जा सकती। अगर फिल्म को लेकर दर्शकों में वास्तविक उत्सुकता हो, तो वे खुद टिकट खरीदकर सिनेमाघरों तक पहुंचते हैं।

बेशक, टिकटों पर छूट देना किसी फिल्म की असफलता का अंतिम प्रमाण नहीं है, लेकिन 'उड़ता तीर' के लिए लगातार आकर्षक ऑफर्स लाने की रणनीति फिल्म की दर्शक अपील को लेकर सवाल जरूर पैदा करती है। अब ऐसा लग रहा है कि मेकर्स को फिल्म बेचने के लिए कहानी और मनोरंजन से ज्यादा टिकट की कीमत का सहारा लेना पड़ रहा है। फिल्म का नाम 'उड़ता तीर' है, लेकिन जिस तरह दर्शकों को आकर्षित करने के लिए ऑफर्स पर ऑफर्स दिए जा रहे हैं, उससे बॉक्स ऑफिस पर इसकी उड़ान को लेकर संदेह पैदा होना स्वाभाविक है। अब देखना होगा कि मुफ्त टिकट का यह दांव दर्शकों को सिनेमाघरों तक लाने में कितना सफल होता है, या फिर तमाम कोशिशों के बावजूद फिल्म को दर्शकों की बेरुखी का सामना करना पड़ता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / लोकेश चंद्र दुबे