हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक शाखा में 10 करोड़ रुपये से अधिक के गबन मामले में तत्कालीन सहायक प्रबंधक बर्खास्त
नाहन, 06 अगस्त (हि.स.)। सिरमौर जिले के नौहराधार स्थित हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक की शाखा में 10 करोड़ रुपये से अधिक के चर्चित गबन मामले में बैंक प्रबंधन ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी और तत्कालीन सहायक प्रबंधक को बैंक सेवा से बर्खास्त कर दिया है।
बैंक प्रबंधन की ओर से यह कार्रवाई विभागीय जांच पूरी होने के बाद की गई है। यह मामला अगस्त 2024 में सामने आया था और उसके बाद से विभागीय जांच, ऑडिट और पुलिस जांच जारी थी।
बैंक के अनुसार यह मामला 6 अगस्त 2024 को सामने आया, जब जिला कार्यालय नाहन को नौहराधार शाखा के किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) खातों में संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की जानकारी मिली। प्रारंभिक जांच के बाद विस्तृत ऑडिट कराया गया।
जांच में आरोप सामने आया कि तत्कालीन सहायक प्रबंधक ज्योति प्रकाश ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कई फर्जी खाते खोले और ग्राहकों की जमा राशि में करीब 10 करोड़ रुपये की हेराफेरी की। मामले की गंभीरता को देखते हुए संगड़ाह पुलिस थाने में आपराधिक मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
बैंक प्रबंधन का कहना है कि खाताधारकों का विश्वास बहाल करने के लिए विभागीय जांच और ऑडिट को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया गया। प्रबंधन के अनुसार अब तक 98 प्रतिशत प्रभावित खाताधारकों को उनकी गबन की गई पूरी राशि ब्याज सहित वापस कर दी गई है। शेष दो प्रतिशत खातों की तकनीकी और फॉरेंसिक जांच अभी जारी है।
बैंक का कहना है कि इन मामलों का भी जल्द निपटारा किया जाएगा।
हालांकि मामला अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। स्थानीय लोगों और कुछ प्रभावित खाताधारकों का कहना है कि कई मामलों में 5 से 7 लाख रुपये तक की नकद जमा राशि का रिकॉर्ड पासबुक या अन्य दस्तावेजों में दर्ज नहीं हो सका था।
उनका कहना है कि यह लेनदेन आपसी भरोसे के आधार पर हुआ था। प्रभावित लोगों और स्थानीय प्रतिनिधियों ने मांग की है कि ऐसे मामलों का भी निष्पक्ष समाधान किया जाए। साथ ही उन्होंने उन कर्मचारियों को जल्द बहाल करने की भी मांग की है, जिन्हें जांच के दौरान निलंबित किया गया था और जिनके खिलाफ अब तक कोई दोष सिद्ध नहीं हुआ है।
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हिन्दुस्थान समाचार / जितेंद्र ठाकुर

