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भरतपुर में 10 हजार रुपए महीना नहीं देने पर नाबालिग को पीटा, पैर पर कट्टा रखकर बनाया वीडियो

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भरतपुर में 10 हजार रुपए महीना नहीं देने पर नाबालिग को पीटा, पैर पर कट्टा रखकर बनाया वीडियो


भरतपुर, 12 सितंबर (हि.स.)। भरतपुर में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। हर महीने 10 हजार रुपए की मांग पूरी नहीं करने पर 16 वर्षीय नाबालिग को कथित तौर पर बेरहमी से पीटने, उसके पैर पर देसी कट्टा रखकर धमकाने और फिर उसी के खिलाफ हथियार बरामदगी का वीडियो बनाने के आरोप में सात पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। नाबालिग की बुआ की शिकायत पर अदालत के आदेश के बाद मथुरा गेट थाने में पॉक्सो अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की जांच अटल बंद थानाधिकारी हेमेंद्र चौधरी को सौंपी गई है।

नाबालिग की बुआ की ओर से दी गई शिकायत के अनुसार उसके भतीजे के जन्म के 12 दिन बाद ही पिता की मौत हो गई थी। इसके बाद बुआ उसे भरतपुर ले आई और उसकी पढ़ाई-लिखाई करवाई। पिछले वर्ष दिसंबर में नाबालिग ने भरतपुर में किराये की कार का कारोबार शुरू किया था। आरोप है कि कारोबार शुरू करने के कुछ समय बाद डीएसटी का कांस्टेबल दशरथ उसके कार्यालय पहुंचा और हर महीने 10 हजार रुपए देने की मांग की। डर के चलते नाबालिग ने लगातार तीन महीने तक रकम दी।

बुआ का आरोप है कि कारोबार में घाटा होने के कारण भतीजे ने काम बंद कर दिया, लेकिन इसके बाद भी पैसों की मांग जारी रही।

रकम देने से इनकार करने पर उसे झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी गई। शिकायत के अनुसार, 19 अगस्त को नाबालिग अपने दोस्तों के साथ खाटूश्यामजी गया था। 21 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे भरतपुर लौटते समय रास्ते में कार पंचर हो गई। वह पास की दुकान पर चाय पीने के लिए रुका था। इसी दौरान डीएसटी के दो पुलिसकर्मी अंकित और मानवीर वहां पहुंचे। उन्होंने नाबालिग से कहा कि कांस्टेबल दशरथ ने उसे बुलाया है। आरोप है कि इसके बाद दोनों उसे अपने साथ ले गए।

रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि डीएसटी कार्यालय में पहले से मौजूद कांस्टेबल दशरथ और अन्य पुलिसकर्मियों ने नाबालिग के साथ मारपीट शुरू कर दी। उसे पट्टों, लात और घूंसों से पीटा गया। आरोप है कि इस दौरान कांस्टेबल हरिओम उसके पैरों पर खड़ा हो गया। शाम करीब 5 बजे एएसआई शिवलाल दो अन्य पुलिसकर्मियों के साथ वहां पहुंचा। इसके बाद नाबालिग के चेहरे पर कपड़ा बांधकर उसे कथित तौर पर एक सुनसान स्थान पर ले जाया गया। शिकायत के मुताबिक, सुनसान जगह पर कांस्टेबल अनिल ने थैले से देसी कट्टा निकाला और नाबालिग के पैर पर रख दिया।

आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसे धमकी दी कि यदि उसने वीडियो में उनके कहे अनुसार बयान नहीं दिया तो उसके पैर में गोली मार देंगे। इसके बाद देसी कट्टा उसकी पैंट में फंसा दिया गया और तलाशी लेने का नाटक करते हुए हथियार बरामदगी का वीडियो बनाया गया।

बुआ का आरोप है कि इसी आधार पर 21 अगस्त को नाबालिग के खिलाफ अवैध हथियार रखने का मामला दर्ज कर दिया गया। पुलिस की ओर से कार्रवाई की सूचना मिलने पर परिजन थाने पहुंचे और उसकी जमानत कराई। घर लौटने पर नाबालिग के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान मिलने का दावा किया गया है।

नाबालिग के शरीर पर चोटों के निशान मिलने के बाद परिजन ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।

पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता परमवीर सोगरवाल के अनुसार, 26 अगस्त को अदालत में प्रार्थना पत्र पेश किया गया था। इसके बाद अदालत ने मथुरा गेट थानाधिकारी हरलाल मीणा को तलब कर मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश दिए। मथुरा गेट थानाधिकारी हरलाल मीणा ने बताया कि नाबालिग की बुआ की शिकायत पर डीएसटी के दशरथ, अंकित, सत्यवीर, हरिओम, अभिमन्यु तथा मथुरा गेट थाने के एएसआई शिवलाल सहित एक अन्य पुलिसकर्मी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले में नाबालिग के साथ मारपीट, रंगदारी वसूलने, अवैध हथियार के मामले में फंसाने और पॉक्सो अधिनियम के तहत आरोप लगाए गए हैं।

जांच अटल बंद थानाधिकारी हेमेंद्र चौधरी को सौंपी गई है।

अदालत के आदेश पर दर्ज हुए इस मामले में पुलिसकर्मियों पर लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। नाबालिग के साथ कथित मारपीट, पैसों की मांग और हथियार बरामदगी के वीडियो से जुड़े आरोपों की सच्चाई जांच के बाद स्पष्ट होगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित