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नाै साल से फरार 45 हजार का इनामी कुख्यात तस्कर एएनटीएफ के हत्थे चढ़ा

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नाै साल से फरार 45 हजार का इनामी कुख्यात तस्कर एएनटीएफ के हत्थे चढ़ा


जयपुर, 05 मई (हि.स.)। राजस्थान और मध्यप्रदेश में डोडा-चूरा की तस्करी कर रहे कुख्यात तस्कर को एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया। छोटी सादड़ी (प्रतापगढ़) निवासी नितेश आंजना पर 45 हजार रुपये का इनाम घोषित था और वह पिछले करीब 9 साल से पुलिस को चकमा दे रहा था। उसे मध्य प्रदेश बॉर्डर से दबोचा गया।

एएनटीएफ के आईजी विकास कुमार ने बताया कि नितेश का नाम करीब 9 साल पहले बाड़मेर के सदर थाना में मादक पदार्थ की बड़ी खेप पकड़े जाने के बाद मुख्य सप्लायर के रूप में सामने आया था। इसके बाद 2021 में जालौर के करड़ा थाना क्षेत्र में भी उसका नाम सामने आया, जिस पर इनाम घोषित किया गया।

जांच में सामने आया कि आरोपित बेहद शातिर था और जिन तस्करों को सप्लाई करता, उन्हें भी अपनी असली पहचान और ठिकाना नहीं बताता था। ऐसे में पकड़ी गई खेप में उसका नाम सामने नहीं आता था।

एएनटीएफ टीम ने उसे पकड़ने के लिए खास रणनीति अपनाई। टीम ने इलाके में अलग-अलग भेष बदलकर नेटवर्क खंगाला और उसके करीबियों तक पहुंच बनाई। इस दौरान पता चला कि वह साइटिका की बीमारी से पीड़ित है और हर माह आवरी माता के दर्शन करने जाता है। इसी सूचना पर घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ में सामने आया कि नितेश बीकॉम पास है और पहले डोडा के ठेके पर हिसाब-किताब का काम करता था। वहीं से तस्करों के संपर्क में आकर उसने खुद का नेटवर्क खड़ा कर लिया। वह अग्रिम सौदे कर मोटा मुनाफा कमाता और गुर्गों के जरिए तस्करों को एस्कॉर्ट करवाता था।

खास बात यह भी सामने आई कि वह काली कमाई का पूरा हिसाब रखता और करीब 10 फीसदी राशि दान-पुण्य में खर्च करता था। स्थानीय स्तर पर उसके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं था, जिससे वह वर्षों तक पुलिस से बचता रहा।

एएनटीएफ अब आरोपित से गहन पूछताछ कर उसके पूरे नेटवर्क और अन्य तस्करों के संबंध में जानकारी जुटा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश