दिल्ली विधानसभा को फिर बम से उड़ाने की धमकी, साइनाइड गैस और आरडीएक्स का दावा
नई दिल्ली, 13 अप्रैल (हि.स.)। दिल्ली विधानसभा को सोमवार को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल मिला है। ईमेल में दावा किया गया है कि तीन घंटे के भीतर विधानसभा कार्यालय को साइनाइड गैस से भरे 15 आरडीएक्स बमों के जरिए उड़ा दिया जाएगा। इस धमकी के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया और परिसर की सुरक्षा तुरंत कड़ी कर दी गई।
जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह करीब 11:12 बजे विधानसभा की आधिकारिक ईमेल आईडी पर यह धमकी भरा संदेश भेजा गया। मेल में गंभीर दावा करते हुए कहा गया कि विधानसभा परिसर के भीतर विस्फोटक लगाए गए हैं, जो निर्धारित समय के भीतर धमाका करेंगे। ईमेल में यह भी लिखा गया कि केवल मुस्लिम कर्मचारियों को तत्काल वहां से हटा लिया जाए, जिससे मामले ने और संवेदनशील रूप ले लिया है।
बताया जा रहा है कि इस तरह की धमकी पहली बार नहीं मिली है। इससे पहले 25 मार्च को भी इसी प्रकार का एक ईमेल भेजा गया था, जिसमें दोपहर 1:40 बजे धमाका करने की बात कही गई थी। उस समय भी 15 आरडीएक्स आईईडी लगाए जाने का दावा किया गया था। हालांकि, जांच के दौरान उस धमकी को अफवाह पाया गया था।
धमकी भरे ईमेल में तमिलनाडु की राजनीति से जुड़े कुछ नामों का भी उल्लेख किया गया है। इसमें पूर्व मंत्री सेंथिलबालाजी और जाफर सादिक के खिलाफ सीबीआई मामलों को वापस लेने की मांग की गई है। साथ ही, मेल भेजने वालों ने खुद को कोयंबटूर के मुसलमान बताते हुए राजनीतिक शोषण और कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताई है। उन्होंने कुछ क्षेत्रीय दलों और नेताओं पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं।
इस बीच, विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोल्चा को पत्र लिखकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। अपने पत्र में उन्होंने कहा कि पिछले कुछ हफ्तों से लगातार इस तरह के धमकी भरे ईमेल विधानसभा की आधिकारिक और उनकी व्यक्तिगत ईमेल आईडी पर आ रहे हैं।
अध्यक्ष ने यह भी बताया कि इन ईमेलों के कारण न केवल विधानसभा के कामकाज पर असर पड़ रहा है, बल्कि कर्मचारियों में भय का माहौल भी बन रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दिल्ली विधानसभा एक महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक संस्था है और इसकी सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता।
उन्होंने पुलिस से अनुरोध किया है कि ईमेल भेजने वालों का जल्द से जल्द पता लगाया जाए, दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए विधानसभा परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए।
सूत्रों के अनुसार, धमकी मिलने के बाद दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने विधानसभा परिसर में सघन जांच अभियान चलाया। बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड को भी मौके पर बुलाया गया और पूरे इलाके की तलाशी ली गई। फिलहाल, किसी संदिग्ध वस्तु की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर टीम ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी है। पहले भी इस तरह की धमकियों के मामलों में आरोपियों तक पहुंचने के प्रयास किए गए हैं।
फिलहाल, इस घटना ने एक बार फिर राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार मिल रही धमकियों से यह साफ है कि शरारती तत्व दहशत फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी

