चार साल बाद कुवैत से लौटा हत्या का आरोपित, जंगल में 2 किलाेमीटर पीछा कर पुलिस ने दबोचा
डूंगरपुर, 22 जुलाई (हि.स.)। हत्या के एक संगीन मामले में पिछले चार वर्षों से पुलिस की आंखों में धूल झोंककर विदेश में छिपा बैठा वांछित अपराधी आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ ही गया। डूंगरपुर जिले की चौरासी थाना पुलिस ने 4 साल से फरार चल रहे हत्या के आरोपित बाबूलाल गरासिया को गलन्दर के जंगलों में करीब दो किलोमीटर तक पीछा कर फिल्मी अंदाज में दबोच लिया। आरोपित वारदात के महज कुछ दिनों बाद ही मजदूरी के बहाने कुवैत भाग निकला था और हाल ही में चुपके से अपने घर लौटा था।
जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार द्वारा वांछित अपराधियों एवं संगीन अपराधों में लिप्त आरोपितों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह सफलता मिली है। चौरासी थानाधिकारी रतनलाल के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था।
पुलिस को मुखबिर एवं आसूचना तंत्र से सटीक जानकारी मिली कि 4 साल से फरार आरोपित बाबूलाल गरासिया कुवैत से लौटकर अपने गांव गलन्दर आया हुआ है और वह जल्द ही पुनः विदेश भागने की फिराक में है।
सूचना मिलते ही थानाधिकारी रतनलाल मय जाब्ते के तुरंत आरोपित के ठिकाने पर पहुंचे और दबिश दी। पुलिस टीम को खाकी वर्दी में देखते ही आरोपित बाबूलाल घबरा गया और बचने के लिए गलन्दर के घने जंगलों की ओर भागने लगा। इस पर पुलिस जाब्ते ने जंगलों में करीब 2 किलोमीटर तक आरोपित का पीछा किया। अंततः पुलिस टीम ने उसे चारों तरफ से घेरकर डिटेन कर लिया।
थाने लाकर की गई कड़ाई से पूछताछ के बाद आरोपित को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।
मामला 7 सितंबर 2023 का है, जब प्रार्थिया सोनल पुत्री मंजीलाल कटारा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, जब वह महेंद्र के साथ मोटरसाइकिल पर जा रही थी, तभी नितेश, अनिल और बाबूलाल गरासिया ने उनका रास्ता रोककर जानलेवा हमला कर दिया था। आरोपितों ने महेंद्र के सिर पर लट्ठ से वार कर गंभीर चोटें पहुंचाई थीं तथा प्रार्थिया के साथ भी मारपीट की थी, जिससे महेंद्र की मौत हो गई थी।
मामले में पूर्व में नितेश कटारा, अनिल कटारा के साथ विधि से संघर्षरत बालक को निरुद्ध कर अदालत में चालान पेश किया गया था।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / संतोष

