आठवीं पास अस्पताल मालिक फर्जी डिग्री से बना डॉक्टर: एसओजी ने दो आरोपिताें को पकड़ा
जयपुर, 16 अक्टूबर (हि.स.)। राजस्थान में फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों के आधार पर चिकित्सक बनकर प्रैक्टिस करने के मामले में स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी) ने दो आरोपिताें को गिरफ्तार किया है। इनमें एक आरोपित ने कजाकिस्तान से एमबीबीएस की पढ़ाई के बाद आवश्यक परीक्षा पास नहीं की, जबकि दूसरा केवल आठवीं कक्षा तक पढ़ा है। जांच के अनुसार, दोनों ने फर्जी डिग्रियों और पंजीयन प्रमाणपत्रों के आधार पर राजस्थान मेडिकल काउंसिल में चिकित्सक के रूप में पंजीयन कराया था। आठवीं पास आरोपी जालोर जिले के रानीवाड़ा स्थित भास्कर हॉस्पिटल का मालिक है।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एसओजी विशाल बंसल ने बताया कि राजस्थान मेडिकल काउंसिल के रजिस्ट्रार डॉ. गिरिधर गोपाल ने 6 अक्टूबर 2024 को जयपुर के अशोक नगर थाने में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर चिकित्सक के रूप में पंजीयन कराने के संबंध में मामला दर्ज कराया था। प्रारंभिक जांच के बाद प्रकरण एसओजी को सौंपा गया। शुरुआत में आठ व्यक्तियों के खिलाफ शिकायत दी गई थी। बाद में जांच के दौरान नानजी राम चौधरी का नाम भी सामने आया। मामले का अनुसंधान पुलिस निरीक्षक नेमीचंद कर रहे हैं।
एसओजी के मुताबिक गिरफ्तार आरोपित पंकज यादव (30) ने वर्ष 2013 से 2018 के दौरान कजाकिस्तान से एमबीबीएस की पढ़ाई की थी। इसके बाद उसने फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट्स एग्जामिनेशन (एफएमजीई) की परीक्षा करीब छह बार दी, लेकिन सफल नहीं हुआ। इसके बाद उसने बिहार के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज की फर्जी एमबीबीएस डिग्री और अंकतालिका तैयार की। साथ ही बिहार मेडिकल काउंसिल के पंजीयन का फर्जी प्रमाणपत्र बनाकर राजस्थान मेडिकल काउंसिल में प्रस्तुत किया और पंजीयन करवा लिया।
जांच में बिहार मेडिकल काउंसिल, आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय, पटना और श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज, मुजफ्फरपुर से दस्तावेज का सत्यापन कराया गया। ये दस्तावेज फर्जी पाए गए। एसओजी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए हरियाणा के कैथल में छिपे पंकज यादव को वहां से गिरफ्तार किया। वह सीकर जिले के थोई थाना क्षेत्र के कालियावास गांव का निवासी है।
दूसरा आरोपी नानजी राम चौधरी जालोर जिले के रानीवाड़ा स्थित भास्कर हॉस्पिटल का मालिक है। एसओजी की जांच में सामने आया कि वह केवल आठवीं कक्षा तक पढ़ा है। इसके बावजूद उसने आंध्र प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की दसवीं और बारहवीं की फर्जी अंकतालिकाएं, कानपुर की रामा यूनिवर्सिटी की कथित एमबीबीएस डिग्री और मुंबई के कॉलेज ऑफ फिजिशियन एंड सर्जन से स्त्री रोग एवं प्रसूति विज्ञान में डिप्लोमा (डीजीओ) के फर्जी दस्तावेज तैयार कराए।
पुलिस के अनुसार नानजी राम ने वर्ष 2010 के आसपास रानीवाड़ा में एक निजी क्लीनिक पर पर्चियां काटने का काम शुरू किया था। इसके बाद कुछ समय रेडीमेड कपड़ों की दुकान पर काम किया। वर्ष 2014 में वह रानीवाड़ा के राजदेव हॉस्पिटल में पर्चियां काटने लगा। वर्ष 2015 में उसने अस्पताल खरीद लिया और 2016 में उसका नाम बदलकर भास्कर हॉस्पिटल कर दिया।
जांच में यह भी सामने आया कि वर्ष 2019 में उसने अस्पताल में एक स्त्री रोग विशेषज्ञ को नियुक्त किया था। चिकित्सकीय पंजीयन संबंधी काम से राजस्थान मेडिकल काउंसिल आने-जाने के दौरान उसने तत्कालीन पदाधिकारियों और कर्मचारियों से संपर्क किया और अपना पंजीयन करवा लिया। संबंधित संस्थानों से सत्यापन कराने पर उसकी शैक्षणिक डिग्रियां और महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल से संबंधित पंजीयन प्रमाणपत्र भी फर्जी पाए गए। एसओजी ने उसे रानीवाड़ा से गिरफ्तार किया।
एसओजी ने दोनों आरोपिताें को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड प्राप्त किया है। अब जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि फर्जी डिग्रियां और पंजीयन प्रमाणपत्र तैयार करने में कौन-कौन शामिल था। राजस्थान मेडिकल काउंसिल के तत्कालीन पदाधिकारियों, अधिकारियों और कर्मचारियों की संभावित भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस को आशंका है कि इस मामले में फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज तैयार करने वाला गिरोह सक्रिय हो सकता है, जिसके अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

