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मुरैना: मोबाइल निकालने सूखे कुएं में उतरे युवक की हुई मौत

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मुरैना: मोबाइल निकालने सूखे कुएं में उतरे युवक की हुई मौत


मुरैना, 16 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुरैना में गुरूवार को पूजा करने गये युवा पंडित का सूखे कुएं में गिरा मोबाइल काल के गाल में ले गया। एसडीईआरएफ दल ने कड़ी मशक्कत के साथ युवा पंडित का शव बाहर निकाला। पुलिस द्वारा शव का पोस्टमार्टम चिकित्सक से कराकर परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। जिले के थाना स्टेशन रोड़ क्षेत्रान्तर्गत यह घटना घटित हुई है।

शहर के रेलवे स्टेशन के पीछे स्थित खाकी बाबा की बगिया स्थित मंदिर में प्रतिदिन पूजा करने वाले युवा पंडित शिवकुमार उपाध्याय आज भी मंदिर पर पहुंचे। पूजा के दौरान ही मंदिर के पास स्थित सूखे कुएं में उनका मोबाइल गिर गया। इसकी सूचना उन्होंने अपने साथियों व परिजनों को दी। वहीं मोबाइल निकालने के लिये रस्सी व अन्य सामग्री के माध्यम से स्वयं प्रयास किया। सूखे कुएं में रस्सी के सहारे मोबाइल लेने जा रहे शिवकुमार उपाध्याय बेहोश हो गये। इस दौरान रस्से से उनका सहारा भी छूट गया। कुएं में नीचे गिर जाने से लोगों ने पुलि स को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने परिस्थिति को देखते हुये एसडीईआरएफ दल को बुलाया। दल के सदस्यों ने कड़ी मशक्कत व ऑक्सीजन सिलेण्डर के सहारे युवक को बाहर निकाला। सहयोगियों के साथ पुलिस द्वारा जिला चिकित्सालय ले जाकर परीक्षण कराया गया। चिकित्सक द्वारा उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

घटना में एसडीईआरएफ द्वारा युवक को निकालने में हुई देरी को लेकर मृतक के साथियों ने लापरवाही का आरोप लगाया है। मृतक पंडित शिवकुमार उपाध्याय मूल रूप से अम्बाह तहसील के श्यामपुर खुर्द गांव निवासी थे। वर्तमान में मुरैना शहर के रामनगर क्षेत्र की तोमर गली में निवास कर रहे थे। मोबाइल को लेकर स्वयं किया गया प्रयास ही युवक का जोश मौत के मुंह में ले गया। इससे परिजन व साथियों में गहरा शोक व्याप्त है।

रैना नगर पुलिस अधीक्षक दीपाली चंदोरिया का कहना है कि खाकी बाबा की बगिया में युवक के कुएं में गिरने की सूचना मिली थी, पुलिस द्वारा एसडीईआरएफ के सहारे निकलवाकर चिकित्सकीय परीक्षण करवाया गया। चिकित्सक ने मृत घोषित किये जाने पर पोस्टमार्टम के पश्चात शव परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

मृतक युवक के मित्र पंडित देवेश शर्मा का कहना है कि पुलिस द्वारा बुलाया गया एसडीईआरएफ दल द्वारा शीघ्र कार्यवाही की जाती तब साथी शिवकुमार उपाध्याय के जीवित होने की संभावना हो सकती थी। एसडीईआरएफ दल पर ऑक्सीजन सिलेण्डर व मास्क नहीं थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजू विश्वकर्मा