हरियाढाणा की महिला की हैदराबाद में हत्या, चचेरा भाई गिरफ्तार
जोधपुर, 19 मार्च (हि.स.)। बिलाड़ा क्षेत्र के एक व्यक्ति ने संपत्ति के लालच में हैदराबाद में अपनी चचेरी बहन की हत्या कर दी। आरोपी ने शव को टुकड़ों में काटकर तालाब में फेंक दिया। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है जिसमें चचेरा भाई भी शामिल है।
मृतका लीला देवी मूल रूप से जोधपुर जिले की बिलाड़ा तहसील के हरियाढाणा गांव की रहने वाली थीं। उनके पति श्रवण कुमार की 11 नवंबर 2018 को हार्ट अटैक से मृत्यु हो गई थी। लीला देवी के दो बच्चे हैं, जिनमें 16 वर्षीय बेटी दीपिका और 12 वर्षीय बेटा मुकेश शामिल हैं।
पति की मृत्यु के बाद वह लंबे समय से हैदराबाद में रह रही थीं और रामोजी फिल्म सिटी के पास बाटासिंगाराम में एक दुकान चलाती थीं। उनके पास एक बंगला, गाड़ी और अन्य कीमती संपत्तियां थीं। लीला के पिता रामनिवास कुम्हारकी सात पुत्रियां थीं और कोई पुत्र नहीं था। इसलिए उन्होंने अपने भाई के पुत्र पप्पू राम को गोद लिया था। लीला ने अपने गोद लिए भाई पप्पू राम को पति की मृत्यु के बाद अपनी दुकान संभालने के लिए काम पर रखा था और उसे मासिक वेतन भी देती थीं। संपति के लालच में उसने बहन की हत्या कर दी।
घटना अब्दुल्लापुरमेट क्षेत्र के बाटासिंगाराम गांव में 28 फरवरी की :
घटना अब्दुल्लापुरमेट क्षेत्र के बाटासिंगाराम गांव में 28 फरवरी को हुई। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी पप्पू राम कुमावत, राकेश कुमावत और सुनील कुमार को गिरफ्तार किया। आरोपी पप्पू राम कुमावत ने खुद ही पुलिस में अपनी बहन के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन जांच में उसका झूठ सामने आ गया।
संपत्ति हड़पने की नीयत :
पुलिस के अनुसार हत्या का मुख्य मकसद संपत्ति हड़पना था। आरोपी और मृतका ने मिलकर 120 गज का एक प्लॉट खरीदा था, जो आरोपी के नाम पर रजिस्टर्ड था। जब लीला देवी ने अपना हिस्सा मांगा, तो पप्पू ने इनकार कर दिया। इसके बाद उसने पूरी संपत्ति पर कब्जा करने के लिए लीला देवी की हत्या की साजिश रची।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

