home page

सरकारी भर्ती परीक्षा में नकल कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश, सात गिरफ्तार

 | 
सरकारी भर्ती परीक्षा में नकल कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश, सात गिरफ्तार


नई दिल्ली, 07 अगस्त (हि.स.)। सरकारी भर्ती परीक्षाओं में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए नकल कराने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पश्चिमी जिला पुलिस ने पर्दाफाश किया है।

जनकपुरी थाना पुलिस ने गिरोह के कथित मास्टरमाइंड समेत सात आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपित परीक्षार्थियों को कस्टमाइज्ड मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस और नैनो ईयरबड उपलब्ध कराते थे। इनके जरिए परीक्षा केंद्र के बाहर बैठे लोग प्रश्नपत्र हासिल कर उत्तर तैयार करते और अभ्यर्थियों तक पहुंचाते थे। पुलिस ने आरोपितों के पास से कस्टमाइज्ड मोबाइल फोन, सिम कार्ड वाले ब्लूटूथ डिवाइस, नैनो ईयरबड, टैबलेट, अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए हैं।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए बताया कि, 26 जुलाई को जनकपुरी स्थित केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय की ओर से शिकायत मिली थी। शिकायत में बताया गया कि केवीएस, सी-2 जनकपुरी में आयोजित एलडीसी भर्ती परीक्षा के दौरान कुछ अभ्यर्थी अनुचित साधनों का इस्तेमाल कर रहे थे। परीक्षा केंद्र पर जांच के दौरान एक महिला अभ्यर्थी के पास से कस्टमाइज्ड मोबाइल फोन मिला, जबकि अभ्यर्थी हेमंत के पास से सिम कार्ड लगा ब्लूटूथ डिवाइस और नैनो ईयरबड बरामद किए गए।

इसके बाद जनकपुरी थाने में एफआईआर दर्ज कर दोनों अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया गया। इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त कर लिए गए।

पूछताछ में हेमंत ने पुलिस को बताया कि उसके भाई रिंकू ने विरेंद्र के माध्यम से 12 लाख रुपये में ब्लूटूथ डिवाइस और सिम कार्ड की व्यवस्था की थी। इन उपकरणों के जरिए परीक्षा केंद्र के बाहर से उत्तर हासिल करने की योजना थी। हेमंत के बयान के आधार पर रिंकू और विरेंद्र को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

महिला अभ्यर्थी ने पूछताछ में बताया कि उसके दोस्त सन्नी ने उसे कस्टमाइज्ड मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, सिम कार्ड और नैनो ईयरबड उपलब्ध कराए थे। इसके लिए 10 लाख रुपये में सौदा तय हुआ था। जांच के बाद पुलिस ने सन्नी को गिरफ्तार किया। उसने पूछताछ में दीपक की भूमिका का खुलासा किया, जिसके साथ आठ लाख रुपये में सौदा तय हुआ था।

तकनीकी निगरानी, सोशल मीडिया विश्लेषण और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने दीपक को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने बताया कि वह सोनू मान के निर्देश पर काम करता था। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर हरियाणा के चरखी दादरी स्थित दादरी बाईपास रोड पर दबिश देकर सोनू कुमार उर्फ सोनू मान को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, वह उस समय एक अन्य सरकारी भर्ती परीक्षा में भी कथित तौर पर नकल कराने की व्यवस्था कर रहा था। सोनू के पास से विदेशी वाट्सऐप अकाउंट से जुड़ा टैबलेट, कस्टमाइज्ड मोबाइल फोन, तीन ब्लूटूथ डिवाइस, चार नैनो ईयरबड, अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज बरामद हुए।

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपितों में सन्नी लेडी इरविन कॉलेज में लैब अटेंडेंट है और कमीशन के बदले अभ्यर्थियों को कथित मास्टरमाइंड से जोड़ने का काम करता था। 12वीं पास दीपक एजेंट के तौर पर अभ्यर्थियों की व्यवस्था करता और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण उपलब्ध कराने के साथ परीक्षा के दौरान उत्तर पहुंचाने में मदद करता था। वहीं, सोनू कुमार उर्फ सोनू मान चंडीगढ़ फायर विभाग में फायरमैन है। पुलिस के अनुसार, वह गिरोह का कथित मास्टरमाइंड है। वह कस्टमाइज्ड इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की व्यवस्था करता, लीक प्रश्नपत्र हासिल कर उनके उत्तर तैयार करवाता और एजेंटों के नेटवर्क के जरिए अभ्यर्थियों तक उत्तर पहुंचाता था। गिरफ्तार आरोपितों में हेमंत, रिंकू और विरेंद्र रोहतक व सोनीपत के रहने वाले हैं, जबकि महिला आरोपित, सन्नी और दीपक जींद के रहने वाले हैं। सोनू चरखी दादरी का निवासी है।

पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश, पैसों के लेनदेन की जांच और अलग-अलग राज्यों में हुई अन्य सरकारी भर्ती परीक्षाओं में इनकी संभावित भूमिका की जांच कर रही है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी