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कंपनी के कर्मचारियों ने ही रची थी 37 लाख की लूट की साजिश, गिरफ्तार

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कंपनी के कर्मचारियों ने ही रची थी 37 लाख की लूट की साजिश, गिरफ्तार


नई दिल्ली, 11 जुलाई (हि.स.)। उत्तरी जिले के वजीराबाद थाना क्षेत्र में 37.50 लाख रुपये की कथित लूट की वारदात का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया। जांच में सामने आया कि लूट किसी बाहरी गिरोह ने नहीं, बल्कि नकदी ले जा रहे कंपनी के दो कर्मचारियों ने अपने साथियों के साथ मिलकर खुद ही रची थी।

पुलिस ने मामले में कंपनी के दो कर्मचारियों समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपितों के कब्जे से 36.92 लाख रुपये नकद, चार मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद की गई है। पुलिस अब फरार अन्य आरोपितों की तलाश में जुटी है। पुलिस के अनुसार, नौ जुलाई की शाम करीब छह बजे वजीराबाद थाना पुलिस को पीसीआर कॉल मिली कि बुराड़ी फ्लाईओवर के पास तीन बाइक सवार बदमाशों ने 37.50 लाख रुपये से भरा बैग लूट लिया है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

छानबीन में पता चला कि शिकायतकर्ता मोहन दास एक निजी विज्ञापन एवं समाचार पत्र प्रकाशन कंपनी में कर्मचारी है। वह अपने दो सहयोगियों अभिषेक और योगेश के साथ चांदनी चौक से विभिन्न ग्राहकों से कुल 45.50 लाख रुपये नकद वसूलकर कंपनी मालिक के सरस्वती विहार स्थित आवास पर पहुंचाने जा रहा था। मोहन दास और अभिषेक एक मोटरसाइकिल पर 37.50 लाख रुपये से भरा बैग लेकर चल रहे थे, जबकि योगेश दूसरी बाइक पर आठ लाख रुपये लेकर उनके पीछे चल रहा था। आरोप था कि बुराड़ी फ्लाईओवर के पास काले रंग की हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर आए तीन बदमाशों ने उनकी बाइक में टक्कर मारी और नकदी से भरा बैग छीनकर फरार हो गए।

शिकायतकर्ताओं ने बताया कि उन्होंने राहगीरों की मदद से एक आरोपी को पकड़ लिया था। इसके बाद अभिषेक और योगेश उसे अपनी मोटरसाइकिल पर बैठाकर बदली स्थित कार्यालय ले जाने लगे, लेकिन जीटीबी नगर मेट्रो स्टेशन के पास उसने कथित तौर पर योगेश के कंधे पर काट लिया और फरार हो गया। बाद में तीनों कर्मचारी अपने मालिक के साथ दोबारा घटनास्थल पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। घटना की गंभीरता को देखते हुए उत्तर जिला पुलिस ने वजीराबाद थाना और स्पेशल स्टाफ की संयुक्त टीम गठित की। पुलिस ने चांदनी चौक से लेकर बुराड़ी, मुखर्जी नगर और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। साथ ही मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया।

इसी दौरान पुलिस को कर्मचारियों के बयान में कई विरोधाभास मिले। सबसे पहले योगेश के कंधे पर कथित काटने का निशान संदिग्ध लगा। इसके अलावा जिस मोबाइल फोन के बारे में दावा किया गया था कि भागा हुआ आरोपी उसे लेकर फरार हो गया, वही मोबाइल कर्मचारियों की मोटरसाइकिल की डिक्की से बरामद हो गया। इस खुलासे के बाद पुलिस का शक यकीन में बदल गया। सख्ती से पूछताछ करने पर अभिषेक और योगेश टूट गए और पूरी साजिश का खुलासा कर दिया। दोनों ने बताया कि उन्होंने अपने मित्र विपिन के साथ मिलकर नकदी लूटने की योजना बनाई थी।

पुलिस के अनुसार, विपिन पहले रोहिणी में एक कैफे चलाता था। वहीं उसकी दोस्ती अभिषेक और योगेश से हुई थी। बातचीत के दौरान दोनों कर्मचारियों ने उसे बताया था कि वे अक्सर कंपनी की लाखों रुपये की नकदी एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाते हैं। इसके बाद तीनों ने मिलकर नकदी हड़पने की योजना बनाई। योजना के तहत विपिन ने अपने तीन अन्य साथियों को भी शामिल किया। तकनीकी जांच में पुलिस को पता चला कि घटना वाले दिन विपिन चांदनी चौक इलाके में मौजूद था। इसके बाद पुलिस ने रणनीति बनाकर उसे यह विश्वास दिलाया कि उसके साथी पुलिस के शक से बाहर हैं और वे लूटी गई रकम में अपना हिस्सा मांग रहे हैं। इस झांसे में आकर विपिन ने अपनी लोकेशन बता दी। पुलिस ने तुरंत जहांगीरपुरी में छापा मारकर उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके घर की तलाशी में 36.92 लाख रुपये नकद बरामद हुए। इसके अलावा चार मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली गई। गिरफ्तार विपिन (29) जहांगीरपुरी का रहने वाला है और स्नातक है। वह पहले रोहिणी में कैफे चलाता था, लेकिन घाटे के कारण छह महीने पहले उसे बंद करना पड़ा। उसके खिलाफ राजौरी गार्डन थाने में चोरी का एक मामला भी दर्ज है।

दूसरा आरोपित अभिषेक (26) रोहिणी के नाहरपुर का निवासी है और स्नातक है। वह पिछले दो वर्षों से कंपनी में काम कर रहा था तथा विभिन्न ग्राहकों से नकदी एकत्र करने की जिम्मेदारी संभालता था। तीसरा आरोपी योगेश (26) भी नाहरपुर का रहने वाला है और पिछले दो वर्षों से उसी कंपनी में नकदी संग्रह का काम कर रहा था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस षड्यंत्र में शामिल तीन अन्य आरोपित अभी फरार हैं। उनकी पहचान कर ली गई है और गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी