झुंझुनू परिवहन कार्यालय में वीआईपी नंबर आवंटन में फर्जीवाड़ा
झुंझुनू, 21 जनवरी (हि.स.)।झुंझुनू स्थित जिला परिवहन कार्यालय (डीटीओ) में वीआईपी नंबर घोटाले का मामला सामने आया है। नए वाहनों को अवैध तरीके से पुराने वीआईपी नंबर अलॉट करने के मामले में दो पूर्व डीटीओ समेत चार कर्मचारियों पर पुलिस में रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज हुई है। जांच में सामने आया कि 659 वाहनों को नंबर दिए गए जिनमें 44 पूरी तरह फर्जी पाए गए जबकि 150 से अधिक मामलों में गंभीर गड़बड़ी मिली है। संदिग्ध वाहनों की आरसी निरस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
झुंझुनू शहर कोतवाली थाना प्रभारी श्रवण कुमार ने बताया कि जिला परिवहन अधिकारी मोनू सिंह मीणा की रिपोर्ट पर संजीव कुमार दलाल पूर्व डीटीओ (कार्यकाल फरवरी 2024 तक), मक्खनलाल जांगिड़ पूर्व डीटीओ (कार्यकाल 27 फरवरी 2024 से 15 अप्रैल 2025 तक), गजेंद्र सिंह मीणा अतिरिक्त लेखा अधिकारी, अभिलाषा सूचना सहायक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पूरे मामले की गहन जांच की जाएगी। जांच के लिए डीटीओ कार्यालय से संबंधित दस्तावेज जब्त किए जाएंगे। नियमों के अनुसार किसी पुराने वाहन का नंबर तभी सरेंडर या री-इश्यू किया जा सकता है। जब उसका विधिवत बैकलॉग रिकॉर्ड मौजूद हो। आरोप है कि झुंझुनूं डीटीओ कार्यालय में तैनात रहे अधिकारियों और कर्मचारियों ने आपसी मिलीभगत से सिस्टम में फर्जी बैकलॉग एंट्री कर दी। इसी फर्जीवाड़े के जरिए सालों पहले बंद हो चुके वीआईपी नंबरों को दोबारा जिंदा किया गया और उन्हें अवैध रूप से नई लग्जरी गाड़ियों को अलॉट कर दिया गया।
परिवहन आयुक्त के निर्देश पर कराई गई उच्च स्तरीय जांच में चैकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। दोनों पूर्व डीटीओ के कार्यकाल के दौरान 659 वाहनों को पुराने वीआईपी नंबर जारी किए गए। जांच में पाया गया कि इनमें से 44 वाहनों को पूरी तरह फर्जी दस्तावेजों और अवैध प्रक्रिया के जरिए नंबर दिए गए। विभाग ने संदिग्ध पाए गए वाहन मालिकों को नोटिस जारी कर गाड़ी के साथ उपस्थित होने को कहा था। अब तक की जांच में 150 से अधिक वाहन ऐसे मिले हैं, जिनमें बैकलॉग भरने में साफ तौर पर हेराफेरी की गई है। फर्जीवाड़ा सामने आने पर 8 मई 2025 को डीटीओ मक्खनलाल जांगिड़ को सस्पेंड कर दिया गया था।
डीटीओ मोनू सिंह मीणा ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। जिन 150 से अधिक वाहनों का सत्यापन संदिग्ध पाया गया है उन्हें विभाग की ओर से अंतिम नोटिस जारी किया जा रहा है। यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो इन सभी वाहनों की पंजीकरण प्रमाण पत्र निरस्त कर दी जाएगी। इसके बाद ये वाहन सड़कों पर अवैध माने जाएंगे। पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त जांच में आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क की परत-दर-परत जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। झुंझुनू में फरवरी 2024 तक संजीव कुमार दलाल डीटीओ रहे। इसके बाद 27 फरवरी 2024 से 15 अप्रैल 2025 तक मक्खनलाल जांगिड़ रहे।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / रमेश

