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जन्मदिन पर पति ने दिया मौत का 'तोहफा', दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल पर पत्नी की हत्या का आरोप

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नई दिल्ली, 13 जुलाई (हि.स.)। पूर्वी जिले के विनोद नगर इलाके में सोमवार तड़के दिल्ली पुलिस में तैनात एक कांस्टेबल ने अपनी ही पत्नी की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना वाले दिन महिला का जन्मदिन था। घटना के बाद आरोपित पुलिसकर्मी मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

पुलिस के अनुसार, सोमवार तड़के करीब तीन बजे लाल बहादुर शास्त्री (एलबीएस) अस्पताल के पास एक महिला गंभीर रूप से घायल अवस्था में सड़क किनारे पड़ी मिली। वहां से गुजर रहे एक डिलीवरी बॉय की नजर महिला पर पड़ी। उसने बिना समय गंवाए महिला को तत्काल एलबीएस अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। महिला के शरीर पर गोली लगने के निशान मिले हैं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।

मृतका की पहचान प्रियंका के रूप में हुई। वह अशोक विहार स्थित एक निजी स्कूल में शिक्षिका थीं। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ फोरेंसिक टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने पर जांच की दिशा बदल गई। फुटेज में प्रियंका का पति मनीष भाटी संदिग्ध परिस्थितियों में घटनास्थल के आसपास दिखाई दिया। शुरुआती जांच के आधार पर पुलिस का कहना है कि वारदात के बाद आरोपित पैदल ही न्यू विनोद नगर स्थित अपने घर पहुंचा और वहां से फरार हो गया।

पुलिस के मुताबिक आरोपित मनीष भाटी दिल्ली पुलिस की एटीएस यूनिट में कांस्टेबल के पद पर तैनात है। उसकी तलाश के लिए कई टीमें गठित की गई हैं। दिल्ली के अलावा आसपास के राज्यों में भी उसकी संभावित मौजूदगी को लेकर पुलिस सतर्क है। उसके मोबाइल फोन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर लोकेशन ट्रेस करने का प्रयास किया जा रहा है।

जांच में सामने आया है कि प्रियंका की शादी वर्ष 2023 में नोएडा निवासी परिवार से संबंध रखने वाले मनीष भाटी के साथ हुई थी। शादी के शुरुआती कुछ समय बाद ही दोनों के बीच विवाद शुरू हो गए थे। प्रियंका के परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही उसे दहेज के लिए लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था।

मृतका के पिता अजीत सिंह ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी बेटी ने कई बार ससुराल में हो रही प्रताड़ना की जानकारी उन्हें दी थी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पहले महिला प्रकोष्ठ (वूमेन सेल) में शिकायत भी दर्ज कराई गई थी। बाद में दोनों परिवारों के बीच समझौता हो गया था और यह उम्मीद की गई थी कि अब बेटी का वैवाहिक जीवन सामान्य हो जाएगा। लेकिन आरोप है कि प्रताड़ना का सिलसिला नहीं रुका।

अजीत सिंह का आरोप है कि आरोपित मनीष भाटी लगातार 50 लाख रुपये की मांग कर रहा था। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि इस पूरे मामले में आरोपी की मां और बड़े भाई की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि बेटी लंबे समय से मानसिक दबाव में थी और दहेज की मांग को लेकर अक्सर परेशान रहती थी। वारदात की सूचना मिलते ही प्रियंका के परिवार में कोहराम मच गया। जन्मदिन पर बेटी की मौत की खबर सुनकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी और कठोर कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के साथ फोरेंसिक जांच, घटनास्थल से मिले साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और परिवार के बयानों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है और फरार आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी