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जेल से निकले तो बना लिया नकबजनी का गिरोह

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जेल से निकले तो बना लिया नकबजनी का गिरोह


जयपुर, 18 अक्टूबर (हि.स.)। जवाहर नगर थाना पुलिस ने अंतरराज्यीय नकबजनी गैंग के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद की डी-200 गैंग के मुख्य आरोपी मोमिन उर्फ मोहसिन और शैलेंद्र उर्फ शैली समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने चोरी का माल खरीदने के आरोप में उत्तर प्रदेश के पिलखुवा निवासी प्रवीण कुमार वर्मा को भी पकड़ा है। आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल बिना नंबर की जुपिटर स्कूटी और ताला तोड़ने का औजार जब्त किया गया है। पुलिस ने करीब 100 किलोमीटर के दायरे में 500 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालकर आरोपियों तक पहुंच बनाई।

जयपुर पूर्व की पुलिस उपायुक्त रंजीता शर्मा ने बताया कि जवाहर नगर थाना क्षेत्र के रेजिडेंसी सेक्टर-4 स्थित फ्लैट नंबर 404 में 5 मार्च को चोरी हुई थी। परिवादी प्रदीप कुमार चाहर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह सुबह कार्यालय गया था और उसका परिवार गांव गया हुआ था। इसी दौरान बदमाश फ्लैट का ताला तोड़कर सोने-चांदी के जेवर और नकदी चोरी कर ले गए।

इस मामले की जांच के लिए थाना प्रभारी सरला यादव के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जुटाई। तकनीकी सहायता से करीब 100 किलोमीटर के दायरे में लगे लगभग 500 कैमरों की फुटेज खंगाली गई। इसके आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची और उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

थाना प्रभारी सरला यादव के अनुसार गैंग के सदस्य जयपुर सहित राजस्थान और अन्य राज्यों में सूने मकानों और फ्लैटों को निशाना बनाते थे। आरोपी रात में गाजियाबाद से जयपुर आते, बंद मकानों की रेकी करते और सुबह ताले तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। पहचान छिपाने के लिए हेलमेट और मास्क पहनते तथा बिना नंबर के दोपहिया वाहनों का इस्तेमाल करते थे। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी सोने-चांदी के जेवर और नकदी चोरी करने के बाद उत्तर प्रदेश के हापुड़ और पिलखुवा क्षेत्र में जेवरात कम कीमत पर बेच देते थे। इससे मिलने वाली रकम का इस्तेमाल अपने शौक पूरे करने में करते थे।

पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी मोमिन और शैलेंद्र उर्फ शैली की मुलाकात वर्ष 2016 में गाजियाबाद की डासना जेल में हुई थी। जेल में दोनों के बीच दोस्ती हुई और बाहर आने के बाद उन्होंने गैंग बनाकर नकबजनी की वारदातें शुरू कर दीं।

पुलिस के मुताबिक मोमिन गाजियाबाद के वेव सिटी थाने का हिस्ट्रीशीटर है, जबकि शैलेंद्र उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के धौलाना थाने का हिस्ट्रीशीटर है। गैंग के सदस्य जयपुर के वैशाली नगर, ज्योति नगर, प्रताप नगर, सांगानेर और शास्त्री नगर सहित विभिन्न थाना क्षेत्रों में भी वारदात कर चुके हैं। मोमिन ने जयपुर के रामनगरिया क्षेत्र में 11 मई को हुई चोरी की वारदात करना भी स्वीकार किया है।

थाना प्रभारी सरला यादव ने बताया कि मुख्य आरोपी मोमिन को न्यायालय के आदेश पर पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। शैलेंद्र और प्रवीण कुमार वर्मा को न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस चोरी किए गए जेवरात और नकदी की बरामदगी के प्रयास कर रही है। साथ ही वारदात में इस्तेमाल वाहनों और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में जयपुर और आसपास के क्षेत्रों में हुई अन्य नकबजनी की वारदातों का भी खुलासा हो सकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश