बांदा : कोडीन कफ सीरप कांड में एसटीएफ ने मारा छापा, मुख्य आरोपित पकड़ा गया
हमीरपुर, 10 सितम्बर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से पकड़ी गई कोडीन कफ सिरप प्रकरण मामले में यूपी एसटीएफ ने इस कारोबार के मुख्य आरोपित के बहनोई को गुरुवार टेढ़ा गांव से दबोच लिया गया। उसके कब्जे से कुछ प्रतिबंधित दवाएं बरामद की गई हैं करके अपने साथ ले गई है। गुरुवार को एसटीएफ की इस कार्यवाही से मेडिकल संचालकों में हड़कंप मच गया है।
बीते तीन सितंबर को बांदा पुलिस एवं एसटीएफ की संयुक्त टीम ने पुनाहुर गांव के पास बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे में एक डीसीएम से 30 हजार शीशी प्रतिबंधित कोडीन कफ सिरप पकड़ी थी। इसका मुख्य आरोपित बांदा के अतर्रा कस्बे का निवासी प्रियांशु उर्फ शिवम गुप्ता था। यह अपने बहनोई रविंद्र गुप्ता के ओम मेडिकल स्टोर टेढ़ा के नाम पर बिल कटवाकर माल मंगवाता था। इस माल को यूपी, एमपी के अति पिछड़े बुंदेलखंड के जनपदों में खपाया जाना था। प्रियांशु के पकड़े जाने के बाद से एसटीएफ रविंद्र गुप्ता की तलाश में जुटी हुई थी।
तलाश में जुटी एसटीएफ की टीम ने सुमेरपुर क्षेत्र के टेढ़ा गांव में छापा मार कर फरार रविंद्र गुप्ता को पकड़ कर अपने साथ ले गई। इसके मेडिकल स्टोर से कुछ प्रतिबंधित दवाई भी बरामद हुई हैं।
पूर्व प्रधान सौरभ सिंह ने बताया कि गांव की जिस दुकान में ओम मेडिकल स्टोर का बोर्ड लगा हुआ था। उसकी ओपनिंग आज तक नहीं हुई थी। दवा का कारोबार यहां कब से हो रहा था यह पता नहीं है। छापेमारी के दौरान यहां से दवाइयां बरामद हुई हैं। इसकी चर्चा हो रही है। अब दुकान के बाहर लगा बोर्ड फाड़ दिया गया है। रविंद्र गुप्ता कहां का निवासी है, यह गांव में किसी को मालूम नहीं है। कुछ लोग उसे बांदा जनपद तो कुछ लोग उसको हमीरपुर जनपद का निवासी बता रहे हैं।
थानाध्यक्ष पवन कुमार पटेल ने गुरुवार को बताया कि एसटीएफ में स्थानीय पुलिस की मदद नहीं ली है। छापेमारी में क्या मिला और कौन पकड़ा गया, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज मिश्रा

