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असली सोना दिखाकर नकली गिन्नी थमाते थे ठग, 13.75 लाख की ठगी का खुला राज

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असली सोना दिखाकर नकली गिन्नी थमाते थे ठग, 13.75 लाख की ठगी का खुला राज


- सराफा दुकानों की पहले करते थे रेकी, फिर मजदूर बनकर फोन से बिछाते थे जाल

- एसटीएफ वाराणसी ने पड़री के तिगोड़ा अंडरपास से प्रयागराज व विंध्याचल के दो ठग को गिरफ्तार

मीरजापुर, 23 सितम्बर (हि.स.)। पहले असली सोने का टुकड़ा दिखाकर भरोसा जीतते थे, फिर लाखों रुपये लेकर हाथ में नकली सोना थमा देते थे। सराफा कारोबारियों को निशाना बनाने वाले अंतरजनपदीय गिरोह के दो सदस्यों को एसटीएफ वाराणसी की टीम ने बुधवार को पड़री के तिगोड़ा अंडरपास हाईवे के पास घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। आरोपितों के पास से पीले रंग की 33 गिन्नियां और दो मोबाइल बरामद हुए हैं। पूछताछ में गिरोह के सराफा कारोबारियों से 13 लाख 75 हजार रुपये की ठगी करने की बात सामने आई है।

एसटीएफ लखनऊ को मीरजापुर समेत अन्य जिलों में सराफा कारोबारियों को असली सोना दिखाकर नकली सोना बेचने वाले गिरोह की सूचना मिल रही थी। इस पर एसटीएफ वाराणसी के निरीक्षक अनिल कुमार के नेतृत्व में टीम को लगाया गया था। इसी बीच टीम को सूचना मिली कि गिरोह के सदस्य पड़री क्षेत्र में किसी सराफा कारोबारी को सोना बेचने के लिए पहुंचे हैं। तिगोड़ा अंडरपास के पास घेराबंदी कर दो आरोपितों को दबोच लिया गया। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान प्रयागराज के मेजा थाना क्षेत्र के कोची जमुआ गांव निवासी अजय बिंद और विंध्याचल के दादर कला गांव निवासी बृजेश उर्फ बलराम के रूप में हुई है।

पहले दुकान की रेकी, फिर फोन पर जाल

पूछताछ में गिरोह की ठगी का तरीका सामने आया। गिरोह के सदस्य पहले कस्बे और बाजार में ऐसी सराफा दुकानों की रेकी करते थे, जहां रोजाना अच्छा कारोबार होता हो और दुकानदार सात से आठ लाख रुपये तक की रकम आसानी से दे सके। दुकान चिह्नित करने के बाद उसके बोर्ड पर दर्ज मालिक का नाम और मोबाइल नंबर नोट कर लेते थे। इसके बाद आरोपित किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर लिया गया नया सिम और मोबाइल इस्तेमाल कर दुकानदार को फोन करते थे। खुद को मजदूर बताते हुए कहते थे कि घर में उन्हें काफी मात्रा में सोना मिला है, जिसे वह खुले बाजार में बेच नहीं सकते। विश्वास जीतने के लिए पहले असली सोने का छोटा टुकड़ा जांच के लिए देते थे। दुकानदार के संतुष्ट होते ही नकली सोना थमाकर सात से दस लाख रुपये लेकर फरार हो जाते थे।

तीन सराफा कारोबारियों से 13.75 लाख की ठगी

जांच में सामने आया कि गिरोह ने पड़री के दो सराफा कारोबारियों से क्रमश: सवा दो लाख और छह लाख रुपये तथा चुनार में साढ़े पांच लाख रुपये की ठगी की है। इस तरह तीन मामलों में कुल 13 लाख 75 हजार रुपये की ठगी का पता चला है।

एक और ठग को फंसाया था जाल में, एसटीएफ की सक्रियता से नाकाम

बुधवार को भी गिरोह ने चुनार कोतवाली के दरगाह शरीफ मोहल्ला निवासी अजय भारती उर्फ सुमन को अपने जाल में फंसाया था। उसे तिगोड़ा अंडरपास के पास सोना देने के लिए बुलाया गया था। इसी दौरान एसटीएफ ने कार्रवाई कर दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में गिरोह के अन्य सदस्यों और ठगी की दूसरी घटनाओं के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा