शादी की जिद में ट्रिपल मर्डर का खुलासा, मुख्य आरोपित हिमांशु मुठभेड़ में घायल, भाई-दोस्त समेत ग्राम प्रधान गिरफ्तार
प्रयागराज, 16 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में मेजा थाना क्षेत्र के कुकरकटवा गांव में हुए तिहरे हत्याकांड का पुलिस ने महज नौ घंटे के भीतर खुलासा करते हुए मुख्य आरोपित हिमांशु यादव और उसके सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जांच में सामने आया है कि प्रेम प्रसंग और शादी को लेकर चल रहे विवाद के चलते आरोपित ने अपनी प्रेमिका के परिवार के तीन लोगों की हत्या कर दी थी।
उल्लेखनीय है कि मंगलवार की सुबह मेजा थाना क्षेत्र के कुकुर कटवा गांव निवासी श्यामलाल गुप्ता(60) पुत्र स्वर्गीय गुलजार और उसकी भयाहू इंद्रावती (51) पत्नी दूधनाथ गुप्ता एवं अमरावती (50) पत्नी नेब्बूलाल का शव घर के बाहर रक्तरंजित पाया गया। सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने तीनों शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने इस संबंध में मृतिका के दामाद लोकपति की तहरीर पर नामजद मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई। पुलिस महेज नौ घंटे के भीतर खुलासा करते हुए आरोपित हिमांशु यादव एवं उसके दोस्त को गिरफतार किया। पूछताछ में खुला हत्या का राज
पुलिस के अनुसार हिमांशु यादव अपनी प्रेमिका नेहा से शादी करना चाहता था, लेकिन युवती के परिजन इस रिश्ते के खिलाफ थे। इसी रंजिश में हिमांशु ने अपने साथी गौतम के साथ मिलकर लोहे की रॉड से हमला कर युवती के परिवार के तीन लोगों की निर्मम हत्या कर दी। वारदात के बाद दोनों आरोपित फरार हो गए थे और कोर्ट में आत्मसमर्पण की तैयारी कर रहे थे, लेकिन उससे पहले ही एसओजी यमुनानगर जोन और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने उन्हें दबोच लिया।
जांच में यह भी सामने आया कि हिमांशु और नेहा के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध थे। दोनों कुछ माह पहले घर छोड़कर चले गए थे, हालांकि बाद में परिवार और समाज के लोगों के हस्तक्षेप से मामला शांत हो गया था। इसके बाद युवती को उसके मामा के घर भेज दिया गया था, जबकि हिमांशु फरवरी में छत्तीसगढ़ से वापस मेजा लौट आया था।
मामले में पहले से ही तनाव की स्थिति को देखते हुए युवती के परिजनों ने आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत भी दर्ज कराई थी। शिकायत पर प्रभावी कार्रवाई न होने के आरोप में पुलिस आयुक्त जोगेंद्र सिंह द्वारा उपनिरीक्षक रामविलास सिंह को पूर्व में निलंबित किया जा चुका है।
पुलिस उपायुक्त यमुनानगर विवेक चन्द्र यादव ने बताया कि आरोपितों की तलाश के दौरान पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें मुख्य आरोपित हिमांशु यादव के पैर में गोली लगी। घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। उन्होंने बताया कि इस मामले में हिमांशु यादव के भाई, उसके एक दोस्त तथा एक ग्राम प्रधान को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और हत्या में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी के प्रयास जारी हैं।
डीसीपी ने बताया कि पुलिस कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) समेत अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि हत्याकांड की साजिश में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं। कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
उधर, घटना के बाद मृतकों के परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई तथा फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमे की सुनवाई की मांग की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी साक्ष्य जुटाकर आरोपितों के खिलाफ मजबूत और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल

