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फर्जी वेबसाइट बनाकर मार्कशीट व डिग्री बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश, दो गिरफ्तार

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फर्जी वेबसाइट बनाकर मार्कशीट व डिग्री बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश, दो गिरफ्तार


प्रयागराज, 26 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज साइबर थाने की पुलिस टीम ने उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की फर्जी वेबसाइट बनाकर विद्यार्थियों व अभिभावकों से ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए गुरुवार को दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 10 एंड्रायड मोबाइल फोन, 9 सिम, 42 विभिन्न विश्वविद्यालयों की फर्जी मोहर, 217 फर्जी अंकपत्र, 1000 होलोग्राम, 6 मॉनिटर, 5 सीपीयू, 2 पेन ड्राइव समेत कई सामान बरामद किये हैं।

यह जानकारी पुलिस उपायुक्त गंगानगर कुलदीप सिंह गुनावत ने दी। उन्होंने बताया कि आजमगढ़ जिले के बरदहा गांव निवासी शशि प्रकाश राय उर्फ राजन शर्मा पुत्र हरिशंकर राय और उपरोक्त थाना क्षेत्र के ठेकहा गांव निवासी मनीष कुमार राय पुत्र महेन्द्र राय है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों ने उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की आधिकारिक वेबसाइट www.upmsp.edu.in से मिलती-जुलती फर्जी वेबसाइट www.upmsp-edu.in बनाकर विद्यार्थियों और अभिभावकों से अनुचित भुगतान के माध्यम से ठगी की। इस मामले में साइबर क्राइम थाना प्रयागराज पर दर्ज मुकदमे में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने गुरुवार को आजमगढ़ से गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार अभियुक्तों में शशि प्रकाश राय उर्फ राजन शर्मा निवासी आजमगढ़ तथा मनीष कुमार राय निवासी आजमगढ़ शामिल हैं। पुलिस पूछताछ में पता चला कि आरोपितों ने “श्री एजुकेशन” नाम से कॉल सेंटर चलाते थे और फेसबुक पर मार्कशीट में नंबर बढ़ाने व फर्जी मार्कशीट बनाने के विज्ञापन देते थे। इसके बाद संपर्क करने वाले अभ्यर्थियों, अभिभावकों व शिक्षण संस्थानों से पैसे लेकर फर्जी बैकडेटेड हाईस्कूल, इंटरमीडिएट व विश्वविद्यालय की मार्कशीट व डिग्री तैयार कर कुरियर से भेज देते थे। प्रति दस्तावेज 4 से 5 हजार रुपये लिए जाते थे। मुख्य अभियुक्त वर्ष 2014 से यह काम कर रहा था।

भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज व उपकरण बरामद

पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से 10 एंड्रायड मोबाइल फोन, 9 सिम, 42 विभिन्न विश्वविद्यालयों की फर्जी मोहर, 217 फर्जी अंकपत्र, 1000 होलोग्राम, 6 मॉनिटर, 5 सीपीयू, 2 पेन ड्राइव, प्रिंटर, कीबोर्ड, माउस, हिसाब-किताब की कॉपियां तथा रजिस्ट्री के लिफाफे सहित अन्य उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार अभियुक्त अब तक लगभग 7000 फर्जी अंकपत्र तैयार कर वितरित कर चुके हैं।

साइबर क्राइम के नोडल प्रभारी कुलदीप सिंह गुनावत ने बताया कि साइबर अपराध के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी वेबसाइट पर भुगतान करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांच लें। साइबर अपराध का शिकार होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन नंबर या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध के प्रति जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है और साइबर क्राइम पुलिस आम जनता की सहायता के लिए सदैव तत्पर है।

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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल