डिजिटल अरेस्ट कर महिला से 13.50 लाख रुपये ठगे, बिहार का एक आरोपित गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस का अधिकारी बनकर किया था फोन, फर्जी आरबीआई पत्र भेजकर परिवार को जेल में डालने की दी थी धमकी
प्रयागराज, 04 नवंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में स्थित प्रयागराज साइबर क्राइम थाना पुलिस टीम ने साइबर ठगी मामले का खुलासा करते हुए एक ठग को गिरफ्तार किया और आरोपित के खिलाफ विधिक कार्रवाई कर रही है। गिरफ्तार आरोपित बिहार के बांका जिले के बाराहाट थाना क्षेत्र के मघोटा गांव निवासी मोहम्मद अदनान है। इसके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने साइबर ठगी से जुड़े 8.50 लाख रुपये फ्रीज कराए हैं। आरोपित के पास से एक मोबाइल फोन और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के फर्जी प्रपत्र भी बरामद हुए हैं।
पुलिस के अनुसार, खुल्दाबाद क्षेत्र के लूकरगंज निवासी रचना चावला को नौ अक्टूबर को अज्ञात साइबर अपराधियों ने व्हाट्सएप कॉल किया। आरोपियों ने खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताया और कहा कि उनके नाम से दिल्ली के एक बैंक खाते में धनशोधन का पैसा आया है। उन्होंने जांच का हवाला देकर महिला और उनके परिवार को जिंदगी भर जेल में रखने तथा जीवन बर्बाद करने की धमकी दी। इस तरह उन्हें मानसिक रूप से डराकर 29 सितंबर से सात अक्टूबर तक डिजिटल अरेस्ट रखा गया। इस दौरान दिल्ली पुलिस का अधिकारी बनकर ऑनलाइन सुनवाई भी की जाती रही। आरोपियों ने विश्वास दिलाने के लिए आरबीआई का फर्जी पत्र भी भेजा। इसके बाद सात अक्टूबर को महिला से 13.50 लाख रुपये अलग-अलग खातों में स्थानांतरित करा लिए।
महिला की शिकायत पर नौ अक्टूबर को साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने बैंक खातों की केवाईसी, रुपये के लेन-देन और आरोपियों के मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल के आधार पर जांच शुरू की। डिजिटल निगरानी के जरिए
साइबर क्राइम थाना पुलिस की टीम ने एक नवंबर को आरोपित को उसके गांव के पास से गिरफ्तार किया। इसके बाद बांका के जिला न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड लेकर उसे प्रयागराज लाया गया। पुलिस ने आरोपी के पास से सफेद रंग का एक ओपो मोबाइल फोन और आरबीआई के फर्जी प्रपत्र बरामद किए हैं। इस मामले में कुल 8.50 लाख रुपये फ्रीज कराए गए हैं।
अपर पुलिस उपायुक्त पुष्कर वर्मा ने बताया कि पुलिस आयुक्त और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में साइबर ठगी के इस मामले की जांच की गई। बैंक खातों के लेन-देन और मोबाइल नंबरों की जानकारी जुटाकर आरोपी तक पहुंचा गया। उसे बिहार से गिरफ्तार कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अनजान व्यक्ति के पुलिस, सीबीआई या ईडी का अधिकारी बताकर फोन करने पर डरें नहीं और रुपये न भेजें। कोई भी जांच एजेंसी फोन या वीडियो कॉल पर किसी को डिजिटल अरेस्ट नहीं करती। कानून में डिजिटल अरेस्ट का कोई प्रावधान नहीं है।
साइबर ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर फोन करें या [www.cybercrime.gov.in](http://www.cybercrime.gov.in) पर शिकायत दर्ज कराएं। इसके अलावा नजदीकी थाने की साइबर हेल्प डेस्क पर भी लिखित शिकायत दी जा सकती है। समय रहते शिकायत करने से ठगी की रकम को फ्रीज कराने में मदद मिल सकती है।
हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल

