प्रयागराज में रीवा के दाे तस्कर गिरफ्तार, स्मैक और अवैध हथियार के साथ 87,500 रुपये की नकदी बरामद
महिंद्रा जाइलो कार से जा रहे थे दोनों आरोपी, मध्य प्रदेश में पहले से दर्ज हैं कई मुकदमे
प्रयागराज, 15 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में स्थित नैनी थाने की पुलिस टीम ने गुरुवार को मध्य प्रदेश के दो युवकों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपितों के कब्जे से 40 पुड़िया में 6.5 ग्राम स्मैक, एक देसी तमंचा, एक पिस्टल, पांच कारतूस, दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 87,500 रुपये नकद बरामद किए गया है।
पुलिस उपायुक्त यमुनानगर विवेक चन्द्र यादव ने बताया कि गिरफ्तार आरोपित मध्य प्रदेश के रीवा जनपद के जवा थाना क्षेत्र के डोढ़ों गांव निवासी आकाश सिंह और जवा निवासी विपिन कुमार पाठक हैं।
डीसीपी ने बताया कि 15 अक्टूबर को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर नैनी थाना पुलिस ने देवरख तिराहे के पास घेराबंदी कर दोनों को गिरफ्तार किया। आरोपितों की पहचान मध्य प्रदेश के रीवा जिले के के रूप में हुई है।
एनडीपीएस और आर्म्स एक्ट में मुकदमा दर्ज
पुलिस ने बताया कि तलाशी के दौरान आरोपितों के पास से 40 पुड़िया में रखी 6.5 ग्राम स्मैक, .315 बोर का एक देसी तमंचा और दो कारतूस तथा एक अवैध पिस्टल और तीन कारतूस मिले। इसके अलावा दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 87,500 रुपये नकद और महाराष्ट्र के पंजीकरण नंबर वाली महिंद्रा जाइलो कार (एमएच06एजेड2577) बरामद की गई।
इस मामले में नैनी थाने में मुकदमा संख्या 543/2026 के तहत एनडीपीएस अधिनियम की धारा 8/21 और आयुध अधिनियम की धारा 3/25 में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपितों के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
दोनों के खिलाफ पहले से दर्ज हैं कई मुकदमे
पुलिस उपायुक्त यमुनानगर ने बताया कि आकाश सिंह के खिलाफ मध्य प्रदेश के जवा थाने में वर्ष 2019 से 2024 के बीच मारपीट, धमकी, एनडीपीएस अधिनियम और अन्य धाराओं में पांच मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, विपिन कुमार पाठक के खिलाफ वर्ष 2016 से 2025 के बीच आबकारी अधिनियम, मारपीट और एनडीपीएस अधिनियम से संबंधित सात मुकदमे दर्ज होने की जानकारी दी गई है।
इस कार्रवाई में नैनी थाना प्रभारी अविनाश कुमार के नेतृत्व में उपनिरीक्षक विक्की गुप्ता, निलेश मौर्या, रामानंद विश्वकर्मा, ऋषभ पटेल तथा कांस्टेबल ललित कुमार, अमरदीप रंजन, अश्वनी कुमार गौरव और राजबहादुर शामिल रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल

