प्रतापगढ़ में सई नदी में डूबे दो सगे भाइयों सहित तीनों किशोरों के शव बरामद
प्रतापगढ़, 20 जुलाई (हि.स)। उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में सई नदी में डूबे दो सगे भाइयों 16 वर्षीय कृष्णा सोनी और 13 वर्षीय अनुराग सोनी के शव सोमवार सुबह बरामद कर लिए गए। स्थानीय गोताखोरों ने करीब छह घंटे तक लगातार चले रेस्क्यू अभियान के बाद दोनों शव नदी से बाहर निकाले। इसके साथ ही इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले किशोरों की संख्या तीन हो गई है। अमित सोनी (17) का शव का रविवार शाम काे ही मिल गया था। तीनों रविवार सुबह नगर कोतवाली क्षेत्र के खीरीबीर पुल के पास सई नदी में नहाने के लिए गए थे।
साेमवार सुबह मृतकों की पहचान अचलपुर निवासी 16 वर्षीय कृष्णा सोनी और 13 वर्षीय अनुराग सोनी के रूप में हुई है। दोनों सगे भाई थे। इससे पहले रविवार को उनके फुफेरे भाई अमित सोनी (17) का शव स्थानीय गोताखोरों ने बरामद कर लिया था। पुलिस और गोताखोरों को रविवार को तलाश के दौरान नदी में सोने के जेवर से भरी एक पोटली बरामद हुई थी, जिसमें करीब 30 ग्राम सोना था। जिसकी कीमत करीब 4 लाख रुपए थी। एक हजार रुपए नगद भी मिले थे। हालांकि ये पोटली किसकी है, ये अब तक पता नहीं चल सका है।
नगर कोतवाल के अनुसार अचलपुर निवासी रामजी सोनी जेवर साफ करने का काम करते हैं। रविवार सुबह बारिश के दौरान उनके दोनों बेटे कृष्णा (16) और अनुराग (13) दुकान जाने की बात कहकर घर से निकले थे। रास्ते में पड़ोस में रहने वाला उनका फुफेरा भाई अमित सोनी (17) भी मिल गया। तीनों एक ही स्कूटी से करीब एक किलोमीटर दूर खीरीबीर पुल के पास सई नदी किनारे पहुंचे। तीनों ने पहले स्कूटी धोई और फिर नदी में उतर गए। तेज बहाव और गहरे पानी के कारण तीनों डूब गए।
फुफेरे भाई को बचाने की कोशिश में तीनों डूबे
सीओ सिटी आशुतोष मिश्र ने बताया कि नदी के दूसरी ओर मौजूद मछुआरों से बातचीत में यह जानकारी मिली कि सबसे पहले अमित डूबा था। उसे बचाने के प्रयास में दोनों भाई भी नदी में उतर गए और तीनों हादसे का शिकार हो गए। घटना के समय नदी के दूसरे किनारे पर कुछ मछुआरे मछली पकड़ रहे थे। उन्होंने तीनों किशोरों को डूबते देखा, लेकिन बारिश के कारण नदी का बहाव इतना तेज था कि वे बचाव के लिए नदी में नहीं उतर सके।
रविवार शाम अंधेरा होने के बाद एसडीआरएफ की टीम ने तलाशी अभियान रोक दिया और वापस लौट गई। हालांकि स्थानीय गोताखोरों ने रविवार देर रात से ही दोनों किशोरों की तलाश जारी रखी। करीब छह घंटे तक चले अभियान के बाद सोमवार सुबह लगभग पांच बजे दोनों शव नदी से बाहर निकाले गए। इसके बाद पुलिस ने तीनों शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
अमित सोनी के मामा गोपाल सोनी ने बताया कि अमित हाईस्कूल का छात्र था। अनुराग कक्षा 7 और कृष्णा कक्षा 6 में पढ़ते थे। अनुराग और कृष्णा तीन भाई और एक बहन हैं। अनुराग सबसे बड़ा है। उसके बाद कृष्णा है। सई नदी इनके घर से 3 तीन किलोमीटर दूर है। तीनों अक्सर नदी पर नहाने या घूमने जाते थे। तीनों रविवार सुबह बाबागंज जाने की बात कहकर घर से निकले थे। परिवार को नहीं पता था कि वे सई नदी पर गए हैं। बाद में लोगों से सूचना मिली कि तीनों नदी किनारे स्कूटी धोने और नहाने पहुंचे थे। इसी दौरान हादसा हो गया। अमित अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसके पिता राजू सोनी सर्राफा कारोबारी हैं। अनुराग और कृष्णा सगे भाई हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / दीपेन्द्र तिवारी

