अमेठी में एलपीजी की कालाबाजारी का बड़ा खुलासा, 1295 सिलेंडरों की हेराफेरी मामले में गैस एजेंसी संचालक के खिलाफ केस दर्ज
अमेठी, 05 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के अमेठी जनपद में एलपीजी गैस की कालाबाजारी के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। शनिवार शाम सप्लाई विभाग की चार सदस्यीय टीम ने अमेठी कस्बे के दुर्गापुर रोड स्थित केवलापुर गांव में संचालित प्रकाश गैस एजेंसी के गोदाम पर छापेमारी की। जांच में भारी अनियमितताएं सामने आने के बाद प्रशासन ने एजेंसी संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
जिलाधिकारी संजय चौहान के अनुमोदन के बाद एजेंसी मालिक मनदीप सिंह के खिलाफ पेट्रोलियम गैस आदेश 2000 के उल्लंघन तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत कार्रवाई की गई है। साथ ही गोदाम में मौजूद सभी सिलेंडरों को तत्काल प्रभाव से राजाराम गैस एजेंसी, बारहमासी में स्थानांतरित कर दिया गया है। पूरे मामले की सूचना इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन को भेज दी गई है, जहां से आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की टीम में शामिल पूर्ति निरीक्षक अरुण कुमार पांडेय ने रविवार को बताया कि संपूर्ण समाधान दिवस में गैस एजेंसी के खिलाफ शिकायत मिली थी। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर पूर्ति लिपिक अनिल कुमार के साथ संयुक्त रूप से एजेंसी के गोदाम पर छापेमारी की गई। जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। गोदाम में 14.2 किलोग्राम के 556 भरे घरेलू सिलेंडर गायब मिले, जबकि 432 खाली सिलेंडर अधिक मिले। इसके अलावा 17 दोषपूर्ण सिलेंडर भी मौके से नहीं मिले। 10 किलोग्राम के कंपोजिट सिलेंडरों में भी गड़बड़ी पाई गई, जहां 10 खाली सिलेंडर अधिक और 9 भरे सिलेंडर कम पाए गए। इसी तरह 19 किलोग्राम के कमर्शियल 30 भरे सिलेंडर गायब थे, जबकि 212 खाली सिलेंडर का भी कोई हिसाब नहीं मिला। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि विभागीय पोर्टल पर दर्ज 5 किलोग्राम के 29 भरे सिलेंडरों में एक भी सिलेंडर गोदाम में नहीं मिले।
पूर्ति निरीक्षक ने बताया कि इस तरह से गैस एजेंसी में कुल 1295 सिलेंडरों की हेराफेरी सामने आने के बाद सप्लाई विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए एजेंसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं प्रशासन की इस कार्रवाई से जिले में अन्य गैस एजेंसियों में भी जांच का डर देखा जा रहा है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / लोकेश त्रिपाठी

