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लखनऊ : अपहरण-फिरौती गिरोह का पर्दाफाश, अन्तरराज्यीय गिरोह के छह आराेपित गिरफ्तार

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लखनऊ : अपहरण-फिरौती गिरोह का पर्दाफाश, अन्तरराज्यीय गिरोह के छह आराेपित गिरफ्तार


- फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर बदमाशों ने दिया था वारदात को अंजाम

लखनऊ,20 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में लखनऊ के कृष्णानगर थाना पुलिस ने रविवार काे अपहरण-फिरौती गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने अन्तराज्यीय गिरोह में शामिल छह आरोपिताें की गिरफ्तारी की हैं। गिरफ्तार आराेपिताें ने पुलिस अधिकारी बनकर एक युवक का अपहरण करने के बाद परिवार से फिरौती मांगी थी।

पुलिस उपायुक्त (दक्षिणी) मो. मुश्ताक ने रविवार को प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि गिरोह में शामिल आराेपिताें में बिहार राज्य का रहने वाला अनुराग कुमार, मनीष कुमार, उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर निवासी अनुराग, लवी कुमार, दीपांशू और आकाश को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से पुलिस अधिकारी के आईडी कार्ड, दो अवैध तमंचा मय तीन जिन्दा कारतूस, 2.50 लाख नकद और एक वाहन के साथ दो नम्बर प्लेट बरामद हुई हैं।

पूछताछ में आराेपिताें ने बताया कि उनके गिरोह में अलग-अलग राज्यों के कई शातिर अपराधी शामिल हैं। ये गिराेह ऐसे लोगों को खोजते हैं, जिनके पास काफी पैसा होता है। उनकी रेकी करने के बाद वारदात को अंजाम दिया जाता है। इसी कड़ी में लखनऊ के साकेत अपार्टमेंट निवासी सुदर्शन घोष का अपहरण इस गिराेह ने किया था। गिराेह में शामिल लखनऊ का रहने वाले गिरफ्तार आराेपित वादी सुदर्शन का करीबी है। उसने ही गिराेह काे उसकी गतिविधियों और उसके पास काफी धन हाेने की जानकारी दी थी। पूरी जानकारी मिलने पर गिराेह ने योजना बनाकर 12 सितंबर को सुदर्शन काे ऑफिस के बाहर निकलने पर फर्जी पुलिस अधिकारी का आईडी कार्ड दिखाते हुए कार में बैठकर अपहरण कर लिया था। इसके बाद आराेपिताें ने उसी से उसकी पत्नी को फोन करवाकर फिरौती की रकम मांगी थी। 13 लाख रुपये नकदी तथा सोने चांदी के जेवर फिरौती के रुप में मिलने पर सुदर्शन को शहीद पथ के पास छोड़कर गिरफ्तार आराेपित अलग-अलग राज्यों में चले गये थे।

डीसीपी ने बताया कि आराेपिताें ने स्वीकार किया है कि घटना में जिन गाड़ियों का हम इस्तेमाल करते है उन पर उन्हीं राज्य या जिले का नम्बर प्लेट लगा देते हैं, जिससे वह पकड़े न जा सके। आराेपित दोबारा किसी बड़ी वारदात करने के इरादे से लखनऊ में डेरा डाले हुए थे, तभी पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। पुलिस रिकार्ड में आकाश और अनुराग के खिलाफ पहले भी अपराधिक मामले थानों में दर्ज हैं। इन सभी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर जेल भेज दिया गया है। वहीं इस घटना का सफल अनावरण करने वाली टीम को पुलिस अफसरों ने 25 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।

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हिन्दुस्थान समाचार / दीपक