मऊ में निर्दोष को फंसाने के लिए बलात्कार का फर्जी मुकदमा लिखाया,षड्यंत्र में शामिल आरक्षी समेत चार गिरफ्तार
मऊ, 31 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद मऊ में खाकी वर्दी की आड़ में आपराधिक साजिश का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने शनिवार काे बलात्कार के मुकदमे में फंसाने की नई कहानी रचने वाला पुलिस आरक्षी गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके साथ ही दो महिलाओं समेत तीन लाेग गिरफ्तार किये गये हैं।
जनपद मऊ में अपराध और अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली नगर पुलिस ने शनिवार को एक ऐसे कथित आपराधिक षड्यंत्र का पर्दाफाश किया है। इसमें पुलिस विभाग में तैनात एक आरक्षी समेत चार लोगों की संलिप्तता सामने आई है। आरोप है कि पुराने दुष्कर्म के मुकदमे में अभियोजन पक्ष के गवाह और उसके परिवार पर दबाव बनाने तथा मुकदमे को प्रभावित कर समझौता कराने के उद्देश्य से एक अन्य व्यक्ति के विरुद्ध दुष्कर्म का झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस ने मामले में आरक्षी विशाल भारती सहित चार आरोपिताें को गिरफ्तार किया है।
इस कार्रवाई का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक मऊ सर्वेश कुमार मिश्रा ने प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर प्रमेन्द्र कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मामले की गहन विवेचना की। शुरुआत में मामला दुष्कर्म और धमकी से संबंधित दिखाई दे रहा था, लेकिन विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों ने पूरे घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया। पुलिस के मुताबिक, 23 जुलाई 2026 को सकीना खातून की तहरीर पर कोतवाली नगर में मु0अ0सं0 217/2026 दर्ज किया गया था। इसमें मोहम्मदाबाद थाना क्षेत्र के कोइरियापार निवासी मोहम्मद इमरान अहमद पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर दुष्कर्म करने और धमकी देने का आरोप लगाया गया था। मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता की धारा 69 और 351(2) के तहत कार्रवाई की गई थी।
विवेचना में पुलिस को पता चला कि इस मुकदमे के पीछे एक कथित आपराधिक षड्यंत्र था। पुलिस के अनुसार, आरक्षी विशाल भारती के विरुद्ध वर्ष 2023 में मोहम्मदाबाद थाने में इमरान अहमद की पुत्री फिजा खातून की ओर से दुष्कर्म, धमकी, पॉक्सो एक्ट और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया था। आरोप था कि शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया और उसका अंतरंग वीडियो वायरल किया गया। इस मामले में आरक्षी विशाल भारती जेल में भी रह चुका था और वर्तमान में जमानत पर था। मुकदमे की सुनवाई सेशन कोर्ट में चल रही है।
सीडीआर और पैसों के लेनदेन ने खोली साजिश की पोल
पुलिस अधीक्षक के अनुसार, विवेचना के दौरान संदिग्ध मोबाइल नंबरों की सीडीआर का विश्लेषण किया गया। इलेक्ट्रॉनिक और भौतिक साक्ष्यों के साथ अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों का संकलन किया गया। जांच में आरोपिताें के बीच लगातार बातचीत, पैसों के लेनदेन और मुलाकातों की जानकारी सामने आई। पुलिस का दावा है कि सभी ने मिलकर इमरान अहमद और उनकी पुत्री फिजा खातून पर अनुचित दबाव बनाने तथा पुराने मुकदमे को प्रभावित करने की योजना बनाई थी। इसी उद्देश्य से सकीना खातून के माध्यम से इमरान के विरुद्ध नया मुकदमा दर्ज कराया गया था।
आरक्षी विशाल भारती समेत चार गिरफ्तार
पुलिस ने शनिवार सुबह करीब 5:30 बजे सोनीधापा मैदान के पास से चार आरोपिताें को गिरफ्तार किया। इनमें विशाल भारती पुत्र रामकेश भारती, वर्तमान तैनाती पुलिस लाइन मऊ, सकीना खातून पुत्री सहाबुद्दीन निवासी औरंगाबाद डिहवा, मऊ, निसार उर्फ नेसार अहमद पुत्र अब्दुल हसन निवासी किडिहरापुर, बलिया तथा जोया उर्फ गुल निहार पत्नी अरविन्द हरिजन निवासी गाजीपुर शामिल हैं।
पुलिस ने विवेचना में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद मूल मुकदमे में धारा 69 और 351(2) बीएनएस का लोप करते हुए धारा 217, 231 और 61(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की है। पुलिस के अनुसार, नामजद इमरान अहमद की भूमिका भी गलत पाई गई। मामले में आगे की विवेचना राज्य की ओर से जारी रखते हुए चारों आरोपिताें के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / वेद नारायण मिश्र

