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फर्जी दरोगा बनकर दुकानदारों को धमकाने वाला गिरोह के चार अपराधी गिरफ्तार

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फर्जी दरोगा बनकर दुकानदारों को धमकाने वाला गिरोह के चार अपराधी गिरफ्तार


बहराइच, 02 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में बहराइच जिले की हरदी थाना पुलिस ने पुलिस की वर्दी पहनकर लोगों को जेल भेजने की धमकी देकर धन उगाही करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपिताें को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से 7 किलो 795 ग्राम अवैध गांजा, एक तमंचा 315 बोर, दो जिंदा कारतूस, फर्जी नंबर प्लेट, पुलिस की वर्दी, पी-कैप, पुलिस बैज, रिवाल्वर की नकली प्रतिकृति, 8270 रुपये नकद और छह एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।

हरदी थानाध्यक्ष आलोक सिंह ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली कि सफेद रंग की रेनॉल्ट ट्राइबर कार (यूपी 32 बीजी6267) में सवार कुछ लोग पुलिसकर्मी बनकर लोगों को धमका रहे हैं। कार पर लाल-नीली बत्ती और सरकारी नंबर प्लेट लगी थी। सूचना पर पुलिस टीम ने सिंघिया नसीरपुर गांव के पास वाहन को रोककर जांच की। वाहन में सवार लोगों में एक व्यक्ति उपनिरीक्षक की वर्दी में था। पूछताछ के दौरान वह पुलिस विभाग से सम्बन्धित कोई संतोषजनक पहचान पत्र अथवा अभिलेख नहीं दिखा सका। जांच में वाहन पर फर्जी नंबर प्लेट लगी मिली। कार में मौजूद अन्य लोगों से भी पूछताछ की गई।

पूछताछ में आरोपिताें ने बताया कि वे राजी चौराहे से दुकानदारों को जबरन कार में बैठाकर ले जाते थे और उन्हें असलहा दिखाकर गांजा रखने व बेचने के आरोप में जेल भेजने की धमकी देते थे। इसके एवज में रुपये की मांग कर धन उगाही की जाती थी। आरोपिताें ने राजी चौराहे की दुकानों से गांजा खरीदने की जानकारी भी दी।

तलाशी के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में गांजा बरामद किया। पूछताछ में सामने आया कि मूले अवस्थी उर्फ अवधेश अवस्थी और वीरेंद्र उर्फ छोटू कथित तौर पर गांजे की छोटी-छोटी पुड़िया बनाकर बिक्री करते थे। पुलिस ने दोनों के कब्जे से कुल 7 किलो 795 ग्राम गांजा बरामद किया है।

पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि समर बहादुर सिंह और श्रीप्रकाश द्विवेदी उर्फ प्रकाश दूबे खुद को पुलिसकर्मी बताकर लोगों को धमकाते थे। समर बहादुर वर्ष 1997 में 32वीं वाहिनी पीएसी लखनऊ में भर्ती हुआ था और वर्ष 2019 में 35वीं वाहिनी पीएसी लखनऊ में नियुक्ति के दौरान लड़ाई-झगड़े एवं नियम विरुद्ध आचरण के कारण उसे जबरिया रिटायर कर दिया गया था। वहीं, श्रीप्रकाश द्विवेदी वर्ष 2006 में भर्ती हुआ यूपी पुलिस का बर्खास्त सिपाही बताया गया है। दोनों मिलकर यूपी पुलिसकर्मी का भेष धारण कर दुकानदारों व अन्य लोगों को जेल भेजने का भय दिखाकर धन उगाही करते थे।

पुलिस ने चारों आरोपिताें के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं, एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर आरोपिताें को न्यायालय के समक्ष पेश किया है, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / ANURAG GUPTA