कूटरचित ई-केवाईसी के माध्यम से सिम कार्ड निकालकर साइबर अपराधियों को बेचने वाले गिरोह के दाे आरोपिता गिरफ्तार
105 सिमकॉर्ड से 170 साइबर अपराधों का बड़ा खुलासा, 19 राज्यों में फैला था नेटवर्क, 48 सिम, मोबाइल बरामद
हमीरपुर, 01 सितम्बर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में साइबर क्राइम पुलिस ने कूटरचित ई-केवाईसी के माध्यम से सिम कार्ड निकालकर साइबर अपराधियों को बेचने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए दो आरोपिताें को गिरफ्तार किया है। आराेपिताें के कब्जे से 48 ब्लैंक सिम कार्ड, दो एंड्रॉइड मोबाइल फोन और दो आधार कार्ड बरामद किए हैं। जांच में सामने आया कि आरोपिताे द्वारा कूटरचित ई-केवाईसी से सक्रिय कराए गए 105 सिम कार्डों के माध्यम से विभिन्न राज्यों में साइबर अपराध की 170 शिकायतें दर्ज हैं।
पुलिस अधीक्षक मृगांग शेखर पाठक ने मंगलवार को बताया कि 21 अगस्त को ग्राम भौनिया, चन्दपुरवा निवासी शोभा की तहरीर पर साइबर थाना में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद 25 अगस्त को ग्राम भुलसी निवासी माया की तहरीर पर भी साइबर अपराध का मुकदमा दर्ज हुआ। दोनों मामलों के अनावरण के लिए पुलिस अधीक्षक मग्रांग शेखर पाठक ने टीमों का गठन किया था। विवेचना के दौरान जालाैन निवासी विक्रांत सिंह और भाैरा डाण्डा निवासी दीपक कुमार के नाम सामने आए।
सूचना पर दोनों को निर्माणाधीन पुल, सिटी फारेस्ट के पास कोतवाली नगर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ और जांच में पता चला कि दोनों आरोपित पीओएस एजेंट के रूप में काम करते थे। विक्रान्त सिंह मिडलैण्ड माइक्रो फाइनेंस कंपनी में फील्ड ऑफिसर था। समूह लोन दिलाने के लिए केवाईसी कराने के नाम पर लोगों की जानकारी और सहमति के बिना उनके नाम से सिम कार्ड निकाल लिए जाते थे। इसके बाद इन सिमों को साइबर अपराधियों को ऊंचे दामों पर बेच दिया जाता था।
एनसीआरपी पोर्टल और समन्वय पोर्टल की जांच में दीपक द्वारा निकाले गए 69 सिम कार्डों से 19 राज्यों में साइबर फ्रॉड की 114 घटनाएं तथा विक्रान्त द्वारा निकाले गए 36 सिम कार्डों से 16 राज्यों में 56 साइबर फ्रॉड की घटनाएं सामने आईं हैं। इन सिम कार्डों के जरिए लाखों रुपये की साइबर ठगी किए जाने की बात सामने आई है। दोनों आरोपिताें के विरुद्ध दर्ज मुकदमों में भारतीय न्याय संहिता की धारा 3(5), 61, 338, 340 (2) और टेलीकॉम एक्ट की धारा की बढ़ोतरी की है। विधिक कार्रवाई के बाद दोनों को न्यायालय भेजा जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज मिश्रा

