सूरज हत्याकांड का खुलासा : मां से प्रेम प्रसंग के चलते बेटे ने की थी हत्या, गिरफ्तार
लखनऊ, 10 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के बिजनौर थाना क्षेत्र में शनिवार को खाली प्लॉट में मिले एक युवक के शव और हत्या के मामले में पुलिस ने रविवार को खुलासा कर दिया है। प्रेम प्रसंग के चलते युवक की हत्या हुई थी। पुलिस ने एक अपराधी व बाल अपचारी को गिरफ्तार किया है।
पुलिस उपायुक्त (दक्षिणी) अमित कुमार आनंद ने रविवार काे घटना का खुलासा करते हुए बताया कि अशरफ नगर के गांव के बाहर एक खाली प्लॉट से नौ मई को सूरज की लाश बरामद हुई थी। इस मामले में परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपित की तलाश शुरू कर दी थी। सर्विलांस और स्थानीय थाना की पुलिस टीम ने 24 घंटे के भीतर सूरज की हत्या का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने देर रात को ग्राम रसूलपूर इठुरिया नाले पर बनी पुलिया से अनिल यादव और एक बाल अपचारी को गिरफ्तार किया। उनकी निशादेही पर आला कत्ल चापड़ व ईंट बरामद की गई है।
पूछताछ के दौरान मुख्य अभियुक्त अनिल यादव ने बताया कि उसकी मां सुषमा देवी का सूरज से प्रेम सम्बंध करीब तीन साल से चल रहा था। दो माह पहले सूरज को मां के साथ आपत्तिजनक हालत में देख लिया था। उस समय लोक लाज की वजह से मैं अपनी मां और सूरज से कुछ कह नहीं पाया था। बाद में मैंने सूरज को मना किया था कि तुम मेरे घर मत आया करो, परन्तु सूरज नहीं माना ।
इस बात से मुझे बहुत गुस्सा आया और सूरज की हत्या करने के लिये मैंने अपने चाचा (नाबालिग बाल अपचारी) के साथ प्लान बनाया। 8 मई को शादी में जाने से पहले पैसे देकर सूरज से शराब मंगवायी। इसके बाद हम गांव के बाहर आम के बाग के सामने झील के पास पड़े खाली प्लॉट पर जाकर शराब पी। सूरज को ज्यादा दारु पिलायी, जिससे वह नशे में हो गया। पहले से छुपाकर लाये चापड़ से जब सूरज के चेहरे पर जान से मारने के इरादे से वार किया तो सूरज ने भागने लगा। कुछ दूर जाकर गिर पड़ा और इसके बाद मैने चापड़ से और बाल आपचारी ने ईंट से तब तक मारा जब तक उसकी मौत नहीं हो गई। सूरज का मोबाइल उसकी जेब से निकालकर, चापड़ व खून में सनी ईंट को बगल में चरी के खेत में फेंक दिया था और हम लोग वहां से भाग गये थे।
प्राथमिक पूछताछ मे यह भी ज्ञात हुआ कि अभियुक्तों ने कपड़े से खून के दाग धुलकर दोबारा वही कपड़े पहन कर शादी में गये थे जिससे किसी को शक न हो। जब घटनास्थल पर पुलिस आयी थी तब भी हम लोग वहाँ गये थे ताकि किसी को शक न हो। पुलिस उपायुक्त ने बताया कि अभियुक्त अनिल एक मॉल में स्वीपर का काम करता था, जबकि बाल अपचारी कक्षा नौ का छात्र है। पुलिस ने बाल अपचारी को बाल सुधार गृह भेजकर मुख्य अभियुक्त के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर जेल भेज दिया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / दीपक

