पढ़ाई के लिए दवाब बनाने पर की थी पिता की हत्या, शव नीले ड्रम में छिपाया
लखनऊ, 24 फ़रवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के आशियाना इलाके में पैथालॉजी संचालक मानवेंद्र की हत्या उसके ही बेटे अक्षत ने गोली मारकर की थी। बहन को जब इसकी जानकारी हुई तो आराेपित उसे धमकाते हुए एक कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद आरी से पिता के शव को काटकर टुकड़ाें काे एक नीले ड्रम में भर दिया। पुलिस की जांच वारदात की वजह यह निकलकर सामने आई कि पिता हमेशा उस पर पढ़ाई के दबाव बनाया करते थे। इस वजह से उसने इस घटना अंजाम दिया है। पुलिस आरोपित को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई की।
डीसीपी मध्य विक्रांत वीर ने मंगलवार काे बताया कि मूलरूप से जालौन जिले के रहने वाले मानवेंद्र सिंह कई साल पहले आशियाना के सेक्टर एल-91 में मकान बनवाकर रह रहे थे। नौ साल पहले पत्नी के निधन के बाद से ही मानवेंद्र बेटी कृति और बेटे अक्षत की खुद देखभाल कर रहे हैं। अक्षत बीकॉम की पढ़ाई कर रहा है और बेटी कृति 11वीं की छात्रा है।
मानवेंद्र का छोटा भाई एसएस रजावत पुलिस विभाग में है और इस समय उनकी तैनाती लखनऊ स्थित सचिवालय में है। तीन मंजिला मकान में पूरा सयुंक्त परिवार रहता है। उन्हाेंने बताया कि आरोपित भतीजे अक्षत ने 20 फरवरी की सुबह चार बजे लाइसेंसी रिवाल्वर से मेरे भाई और अपने पिता मानवेंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी थी। बहन कृति ने गोली की आवाज सुन कमरे में पहुंची ताे नजारा देखकर उसके हाेश उड़ गए। उसने शोर मचाने की कोशिश की, लेकिन आराेपित भाई अक्षत ने बहन को धमकाते हुए एक कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद उसने योजना के तहत बाजार से आरी खरीदकर लाया और शव के कई टुकड़ किए। कुछ टुकड़े पॉलीथीन में भरकर नीले ड्रम में भर दिया। सिर और कुछ टुकड़े सदरौना में फेंक दिया।
पड़ाेसियाें और चाचा काे शक न ताे आराेपित अक्षत ने पुलिस को गुमशुदगी दर्ज करायी कि 20 फरवरी को पिता मानवेंद्र दिल्ली जाने के लिए निकले थे। 21 तक वापस आने के लिए कहा, लेकिन अभी तक वापस नहीं लौटे। इसके बाद जब पुलिस ने जांच की तो घर के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज में मानवेंद्र के घर से निकलने के फुटेज नहीं प्राप्त हुए। पुलिस का शक गहराया और अक्षत को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ शुरू कर दी। उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया और बताया कि पिता पढ़ाई का दबाब बनाते थे। घटना वाले दिन भी दोनों में झगड़ा हुआ था। इस पर पिता ने अपनी लाइसेंसी राइफल मेरे ऊपर तान दी। छीनाझपटी में गोली पिता को लग गई। पुलिस ने आरोपित काे हिरासत में लेकर उसकी बहन कृति को भी कमरे से बाहर निकाला, लेकिन वह भाई की करतूत काे देखकर अभी भी दहशत में हैं। डीसीपी ने बताया कि आरोपित के खिलाफ अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / दीपक

