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फर्जी कम्पनियां व बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, महिला समेत तीन गिरफ्तार

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फर्जी कम्पनियां व बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, महिला समेत तीन गिरफ्तार


फिरोजाबाद, 11 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के थाना शिकोहाबाद पुलिस ने शनिवार को साइबर फ्रॉड के संगठित गिरोह का भंडाफोड़ कर महिला समेत तीन साइबर आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपित नौकरी एवं ठेकेदारी दिलाने का झांसा देकर लोगों के नाम पर फर्जी कम्पनियां व बैंक खाते खुलवाकर ठगी करते थे।

अपर पुलिस अधीक्षक राजेश गुनावत ने बताया कि थाना शिकोहाबाद पर नियुक्त उपनिरीक्षक एवं साइबर हेल्प डेस्क प्रभारी फैसल खान ने साइबर फ्रॉड से सम्बन्धित प्राप्त शिकायतों की गहन जांच की। जांच के दौरान खाताधारक अनुज पुत्र रामब्रेश निवासी मोहल्ला गाड़ीवान थाना जसराना के खाते में लगभग 1 करोड़ 30 लाख के संदिग्ध लेन-देन का पता चला। तकनीकी एवं वित्तीय जांच में प्रकाश में आया कि शिवा, आशीष, अंकुल एवं उनके अन्य साथी एक संगठित साइबर फ्रॉड गिरोह संचालित कर रहे हैं। यह गिरोह भोले-भाले लोगों को नौकरी एवं ठेकेदारी दिलाने का झांसा देकर उनकी फर्मों का जीएसटी विभाग में पंजीकरण कराता है तथा उनके बैंक खाते, पासबुक, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड एवं अन्य दस्तावेज अपने कब्जे में लेकर फर्जी एवं कूटरचित दस्तावेज तैयार कर उनके खातों में साइबर फ्रॉड एवं अन्य अवैध माध्यमों से प्राप्त धनराशि का ऑनलाइन लेन-देन करता था।

जांच में सामने आए इन तथ्यों के आधार पर थाना शिकोहाबाद पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।

एएसपी ने बताया कि शिकोहाबाद थाना प्रभारी अनुज कुमार ने मामले की जांच करते हुए शनिवार को थाना क्षेत्र के बालाजी मंदिर, एनएच-19 से चेकिंग के दौरान सफेद रंग की कार सवार तीन आरोपित आशीष निवासी ग्राम चिनेहटी थाना भरथना जिला इटावा, शिवा पुत्र जनवेद सिंह निवासी मोहला कृष्णा नगर थाना भरथना जिला इटावा हाल निवासी जनता आवास श्रमिक कुंज सेक्टर 122 नोएडा व प्रतिमा पत्नी योगेन्द्र निवासी तेजपुरा थाना चकरनगर इटावा हाल निवासी जनता आवास श्रमिक कुंज सेक्टर 122 नोएडा को गिरफ्तार किया है। आरोपित के कब्जे से 1 लाख की नकदी, विभिन्न खातों की 7 बैंक पासबुक, 4 मोबाइल फोन, फर्जी कंपनी की मोहरे एवं अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं।

एएसपी ने बताया कि आरोपितों ने बताया कि उनके गिरोह का सदस्य अकुल एवं अन्य साथी लोगों से फर्जी कम्पनियां खुलवाते थे तथा शिवा एवं प्रतिमा इन खातों का संचालन करते थे। सभी लोग आयुष्मान उर्फ राजेन्द्र मल्लिक (निवासी उड़ीसा) के लिये कार्य करते थे, जो साइबर फ्रॉड एवं अन्य अवैध माध्यमों से प्राप्त धनराशि इन खातों में जमा कराकर कमीशन देकर वापस प्राप्त करता था। पुलिस गिरोह के अन्य लोगों की तलाश कर रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / कौशल राठौड़